अविश्वास की छाया में हंगामाई शुरूआत

मुख्य प्रतिनिधि ॥ भोपाल
मध्यप्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का अंतिम मानसून सत्र आज हंगामे और अविश्वास के बीच शुरू हुआ। कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन में पहुंचे। सदन के अंदर और बाहर कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव छाया रहा। मंत्रियों सहित सत्तापक्ष के अधिकांश सदस्य सत्र शुरू होने के पहले से ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आक्रामक रुख अपनाए रहे। वहीं कांग्रेस के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा से मुलाकात कर सत्र की अवधि बहुत कम होने पर नाराजगी जताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की है। बाद में कांग्रेस के द्वारा सदन के भीतर भी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग उठाई गई।
नरोत्तम बोले- प्रस्ताव में नहीं थे
नेता प्रतिपक्ष के हस्ताक्षर
सत्र शुरू होने के पहले ही संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव की खामियां गिनाना शुरू कर दिया है। मीडिया के रूबरू होते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने खुलासा किया है कि अविश्वास प्रस्ताव की सूचना देने नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह अकेले आये थे विधानसभा। पार्टी का कोई विधायक उनके साथ नही आया। नियमानुसार 10 दिन पहले आरोप पत्र देना था, वो दस दिन पहले नहीं। दिया। इतना ही नहीं, जब सूचना दी गई तो उसमें नेता प्रतिपक्ष के हस्ताक्षर नहीं थे। विधानसभा सचिवालय ने उनके घर भेजकर आरोप पत्र पर हस्ताक्षर करवाये। उसमें भी सभी विधायकों के हस्ताक्षर नहीं थे। श्री मिश्रा ने कहाकि अविश्वास प्रस्ताव में जो आरोप लगाए गए हैं उनपर कई बार चर्चा हो चुकी है। संसदीय कार्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास मुद्द्दे नही हैं। पूरा अविस्वास प्रस्तावक काल्पनिक है।
शेजवार बोले- व्यवधान बनाता है विपक्ष
वहीं वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कहा है कि विपक्ष चर्चा में व्यवधान पैदा करता है। अविश्वास प्रस्ताव पर स्पीकर का जो फैसला होगा वो मान्य होगा। वहीं राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहाकि जिसका घर मे विश्वास नही वे अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं।
छोटे सत्र पर कांग्रेस की आपत्ति, नेता प्रतिपक्ष बोले – चर्चा से भागने की तैयारी में सरकार
कांगेस विधायकों ने मानसून सत्र की अवधि काफी कम रखने पर आपत्ति जतायी है। कांग्रेस विधायक दल ने सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात भी की। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मानसून सत्र शुरू होते ही कहाकि जिस तरह की कार्यसूची बनाई गई है उससे जाहिर है कि सरकार आज सब कर लेना चाहती है। सरकार चर्चा से भागना चाहती है। उन्होंने कहाकि सत्र को बहुत कम समय मिला है। कांग्रेस विधायक दल ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए आज विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। साथ ही सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायकों को इस संबंध में विचार करने का भरोसा दिलाया है। कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने कहाकि यह सत्र बहुत छोटा है। इसकी अवधि बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहाकि हम अविस्वास प्रस्ताव के जरिये सरकार को घेरेंगे।
अनुपूरक बजट और विधेयक पेश
सच संवाददाता ।। भोपाल
विधानसभा का मानसूत्र आज से शुरू हुआ और विधानसभा सत्र के पहले दिन की कार्य सूची में विधानसभा सचिवालय ने लगभग सारे विषयों को आज ही शामिल कर लिया है, जिसमें 2018-19 के लिए अनुपूरक बजट के अलावा 7 अध्यादेशों को मंजूरी का प्रस्ताव भी सरकार सदन में आज ही पेश किए गए। विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है, जिसकों लेकर विगत दिनों कांग्रेस नेताओं के अलावा विधायक दल की बैठक में भी रणनीति बनी है, लेकिन सरकार विपक्ष की चाल को समझ गई और विधानसभा सत्र के पहले की कार्यसूची जारी की गई, जो तीन पेज की है।
भाजपा विधायक कुशवाह ने सरकार को घेरा, कांग्रेस ने दिया साथ
सच संवाददाता ।। भोपाल
भाजपा विधायक ने आज विधानसभा के मानसूत्र के पहले ही दिन प्रश्नकाल के दौरान सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि सरकार गलत उत्तर दे रही है और मंत्री भी वही बोल रहे है, जैसे अधिकारी बोल देते है। उनका कहना था कि सड़क निर्माण कार्य में लेटलतीफी के बाद भी सरकार और मंत्री मौन है। वही सदन में आज पहला प्रश्न ही कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे का था। उन्होंने सरकार पर गलत उत्तर देने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक ने सदन में कहा जो सड़क 12 माह में बननी थी, वह ढ़ाई साल में भी नहीं बनी। अफसरों और ठेकेदारों ने भ्रष्टाचार किया है। अफसरों को सस्पेंड और ठेकेदारों पर कार्यवाही की मांग करते हुए भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि कहा सीएम पैसे भेजते हैं, अफसर भ्रष्टाचार करते हैं। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने भी भाजपा विधायक का साथ देते हुए हंगामा किया। भाजपा विधायक की मांग पर सरकार की ओर से मंत्री ने कहा जांच कराएंगे। अधिकारी को सस्पेंड ओर कार्यवाही की समय सीमा नहीं बताने पर भी विधायक हंगामा करते रहे। तीसरे सवाल में भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अपनी ही सरकार को घेर लिया। सरकार को सदन में भाजपा विधायकों द्वारा घेरने का यह कोई पहला मामला नहीं था। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दूसरी बार 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। वहीं कांग्रेस सदस्यों ने कहा कुशवाह ने कहा सीएम पैसे लेते हैं। तभी संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कान में तेल डाले विपक्ष। उन्होंने बताया कि सदस्य ने कहा सीएम पैसा भेजते हैं। तभी विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बातों को ट्वीस्ट नहीं करना चाहिए। इससे छवि खराब होती है। किलो गेट से लहार चौराहा तक सड़क निर्माण का काम 10 अगस्त 2016 को प्रारंभ किया गया था और जून 2017 तक काम पूरा होना था, लेकिन अब तक 70 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। सड़क निर्माण कार्य में देरी होने का कारण बताते हुए लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण में बाधक अतिक्रमण देर से हटाया गया। नगर पालिका ने अतिक्रमण हटा दिया तो आज तक मलबा नहीं हटाया है। पोल शिफ्ट नहीं किए गए। नगर पालिका भिंड द्वारा सीवेज लाइन का कार्य पूरा नहीं किया गया। भाजपा विधायक ने कहा कि सड़क निर्माण के देरी का कारण ठेकेदार द्वारा काम न करना है, लेकिन सरकार और मंत्री अधिकारी और ठेकेदार को बचाने में लगी हुई है। वहीं कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि मेरे प्रश्न के जवाब में मंत्री ने गलत जानकारी दी है।
पांच दिन सत्र चलने पर संशय कल सुबह होगी गु्रप फोटोग्राफी
चौदहवीं विधानसभा का मानसून सत्र छोटे सत्रों में शुमार हो सकता है। सत्र को शुरू होने के पहले ही इसकी अवधि घटाकर पांच दिन में सीमित कर दिया गया है। अब इसके पांच दिन चलने को लेकर भी संशय बन गया है। सरकार और विधानसभा सचिवालय की तैयारियों को देखते हुए एक-दो दिन में इसके समाप्त होने के कयास लगाए जाने लगे हैं। राज्य सरकार द्वारा अनुपूरक बजट पहले ही दिन पटल पर रखने से यह संभावना और बलवती हुई है। इसके साथ ही अधिकांश विधेयक भी आज की सूची में ही शामिल किए गए हैं। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय ने भी गु्रप फोटोग्राफी के लिए सभी सदस्यों को कल सुबह दस बजे बुलाया है। अंतिम सत्र के अंत में सभी सदस्यों के गु्रप फोटोग्राफी कराने की परंपरा मध्यप्रदेश विधानसभा में रही है।
कांग्रेसियों ने मांगा सरकार से 5 साल का हिसाब
कांग्रेस विधायकों ने आज विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। सदन में प्रवेश करने से पूर्व कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि पांच साल का हिसाब दो, घोटाले की जांच करो, किसानों को न्याय दो।
दिवंगतों को सदन ने दी श्रद्धांजलि
भोपाल। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने विगत दिनों दिवंगत हुए नेता व सदन के पूर्व सदस्यों के निधन का उल्लेख किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल उर्मिला सिंह, बाल कवि बैरागी, दशरथ सिंह, महाराज सिंह, राजेंद्र सिंह, हेमचंद यादव, निर्मल हीरावत, एल पी शाही व सिद्धप्पा न्यामागौड़ा शामिल है। सदन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, बसपा के सत्यप्रकाश सखवार और कैलाश चावला ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल कवि बैरागी से ट्रेन में मुलाकात हुई थी और मैंने अपने बच्चे के जन्म के बाद उनसे नाम सुझाने का अनुरोध किया था। उन्होंने 8-10 नाम बताए थे, जिनमें से एक नाम मैंने अपने बेटे का रखा।


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