रोल्स रॉयस की फ्लाइंग टैक्सी, जानिए क्या है इसकी खूबियां और कब होगी लॉन्च

जल्द ही आप अपने शहरों की सड़कों के ऊपर उड़ते दिखाई देंगे. यकीनन यह सच होने वाला है. क्योंकि, एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर कंपनी रोल्स रॉयस ने फ्लाइंग टैक्सी का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया है.

फोटो साभार: रोल्स रॉयस

नई दिल्ली: जल्द ही आप अपने शहरों की सड़कों के ऊपर उड़ते दिखाई देंगे. यकीनन यह सच होने वाला है. क्योंकि, एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर कंपनी रोल्स रॉयस ने फ्लाइंग टैक्सी का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया है. कुछ समय बाद यह सपना हकीकत में बदलने वाला है और आप चंद मिनटों में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच सकेंगे. एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर और कार कंपनी रोल्स रॉयस फ्लाइंग टैक्सी (उड़ने वाली टैक्सी) बनाने वाली पहली कंपनी होगी. रोल्स रॉयस का दावा है कि उसका इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग (EVTOL) कन्सेप्ट व्हीकल एक बार में पांच लोगों को बैठाकर सफर कराएगा. उड़ने वाली टैक्सी की रफ्तार 400 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी, जो एक बार चार्ज होने पर 800 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेगी.

पूरी तरह इलेक्ट्रिक नहीं होगी टैक्सी
अपने नाम (EVTOL) के मुताबिक, यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक नहीं होगी. इसमें एक गैस टरबाइन इंजन लगा होगा, जो विंग्स और टैक्सी के पिछले हिस्से में लगे 6 इलेक्ट्रिक मोटर्स को चालू करेगा. रोल्स का दावा है कि उसकी हाईब्रिड डिजाइन ज्यादा व्यवाहारिक है. क्योंकि रिचार्जिंग के मुकाबले रीफ्यूलिंग में कम समय लगता है. रोल्स के मुताबिक, उसका यह विमान मौजूदा एयरपोर्ट्स और हेलीपोर्ट्स का उपयोग करने में सक्षम होगा. यह भी एक विवेकपूर्ण निर्णय है, क्योंकि अभी तक सभी इलेक्ट्रिक विमान सिर्फ शुरुआती स्टेज पर हैं.

2020 से पहले होगी लॉन्च
रोल्स रॉयस के मुताबिक, उसकी फ्लाइंग टैक्सी को 2020 से पहले लॉन्च करने की तैयारी है. फ्लाइंग टैक्सी में 5 यात्र एक बार में सफर कर सकेंगे. कंपनी इसी हफ्ते हैम्पशायर में होने वाले एक एयर-शो में इसे पेश करेगी और इसका एक प्रेजेंटेशन भी दिया जाएगा. आपको बता दें, रोल्स रॉयस इससे पहले भी एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और शिप के इंजन बना चुकी है. हालांकि, ज्यादातर लोग उसे कार कंपनी के तौर पर जानते हैं. लेकिन वह पूरी तरह से कार कंपनी नहीं है.

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90 डिग्री पर घूम जाते हैं विंग्स
रोल्स की फ्लाइंग टैक्सी में लगे विंग्स 90 डिग्री पर घूम सकते हैं. इससे वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग में मदद मिलती है. रोल्स के मुताबिक, ऊंचाई पर चढ़ने के दौरान, विंग्स पर लगे चार प्रोपेलर फोल्ड हो जाते हैं. इससे ड्रैग और केबिन नॉएज (शोर) कम होता है. EVTOL इस कॉन्फ़िग्रेशन में केवल बिजली के लिए अपने पीछे के दो प्रोपेलर पर निर्भर करता है. यह सब सैद्धांतिक है, क्योंकि ब्रिटेन के फार्नबोरो एयरशो में EVTOL के “अनावरण” के रूप में केवल डिजिटल प्रस्तुतिकरण शामिल थे.

क्या है फ्लाइंग टैक्सी की खासियत
फ्लाइंग टैक्सी को बार-बार चार्ज नहीं करना होगा.
टैक्सी में एम250 गैस टरबाइन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा.
टरबाइन टेक्नोलॉजी से 500 किलोवाट तक की ऊर्जा उत्पन्न होगी.
सीधा टेकऑफ और लैंडिंग के विंग 90 डिग्री तक घूम सकेंगे.
एक बार में 5 यात्री को बैठाकर सफर कराएगी टैक्सी.

दूसरी कंपनियां भी कर रही हैं काम
एयरबस और उबर जैसी कंपनियां भी फ्लाइंग टैक्सी कॉन्सेप्ट पर काम कर रही हैं. रोल्स रॉयस को उम्मीद है कि शहरों में इसका ज्यादा इस्तेमाल होगा. कंपनी का यकीन है कि बढ़ती जनसंख्या के बीच यह एक बेहतरीन ट्रांसपोर्टेशन मोड होगा. यह एक तरह की पर्सनल मोबिलिटी होगी. हालांकि, शहर की सड़कों के ऊपर घूमने की बात सुनकर अच्छा लगता है. लेकिन, यकीनन यह एक बड़ी चुनौती होगी.


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