नौ साल बाद हथाईखेड़ा डेम बन सका पर्यटन स्थल

सौगात ॥ आधी-अधूरी सुविधाएं पड़ सकती हैं भारी
सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
अयोध्या उपनगर अरहेड़ी गांव स्थित हथाईखेड़ा डेम जो पांच लाख से अधिक आबादी के लिए एक अच्छा जल स्रोत है और यहां से पानी का उपयोग हो इसके लिए ‘अपना सरोवर अपनी धरोहरÓ अभियान के तहत श्रमदान के माध्यम से जो पहल 18 जनवरी 2009 से शुरू की गई थी लगभग 9 साल बाद इस पर्यटन स्थल पर कुछ सुविधाएं मुहैया कराई गई है। अभी भी जनता को वोट चलने का इंतजार है। डेम के पर्यटन स्थल का लोकावर्पण पूर्व मंत्री बाबूलाल गौर ने किया। यहां पर्यटन विभाग निगम और नगर निगम द्वारा विकसित किया गया है। यहां कैफैट एरिया के साथ ही अन्य क्षेत्र को विकसित किया गया। यहां पर जल्द ही वोट चलाने की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन स्थल के लोकार्पण अवसर पर पूर्व महापौर कृष्णा गौर, रघुनंदन सिंह राजपूत, पार्षद लक्ष्मी ठाकुर, मंडल अध्यक्ष भीकम सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। हथाईखेड़ा डेम श्रमदान समिति के संयोजक रघुनंदन सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 2005 में डेम में श्रमदान अभियान का शुभारंभ किया गया था। करीब 8 करोड़ लीटर पानी के लिए डेम का गहरीकरण किया गया है। वर्ष 2009 को हथाईखेड़ा डेम पर श्रमदान में स्थानीय लोगों के साथ ही सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने श्रमदान कर इस अभियान को आगे बढ़ाया था। इस डेम में चारों ओर बरसात का पानी भर गया और लगातार जलस्तर में बढ़ोत्तर भी हो रही है। पानी भरने के कारण डेम की सुंदरता और बढऩे लगी। जिस स्थान पर श्रमदान किया गया था वहां एक टापू बना है जिस पर पर्यटन स्थल बनाने की पहल की जा सकती है। गौर ने आज नारायण नगर में नवीन सड़क निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इस दौरान पार्षद तुलसा वर्मा मौजूद थी।
वीआईपी रोड की तरह बने कॉरीडोर
हथाईखेड़ा डेम में वोट चलने और यहंा वीआईपी रोड की तर्ज पर कारीडोर बनाने की मांग स्थानीय रहवासियों ने महापौर आलोक शर्मा से की है। नगर निगम द्वारा इस डेम की व्यवस्थाओं को सुधारा जाना है। पर्यटन विकास निगम इसे नगर निगम को हेंडओवर कर चुका है। डेम के आसपास बसी निजी कालोनियों के साथ ही ग्राम अरहेड़ी, सेवनिया ओंकारा,कानासैय्या, पिपलिया जाहिरपीर, कल्याणपुर के लोगों को पर्यटन स्थल की सौगात मिलेगी। पानी भरने से लोगों के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं।
सुरक्षा के लिए नहीं किए कोई इंतजाम
हथाईखेड़ा को एक बेहतर पर्यटल स्थल बनाने के लिए वैसे तो वर्ष 2005 में पहल की गई थी। लंबे अर्से के बाद डेम में कुछ विकास कर जनता को इससे जोडऩे का काम किया। यहां जो पर्यटक आएंग उनके सुरक्षा के लिए अभी भी कोई इंतजाम नहीं है। आसपास जंगल होने के कारण यहां एक सुरक्षा चौकी की मांग शासन से रहवासियों से की है। डेम के बीच में एक टापू है, जो बेहतर बन सकता है। यहां पर अभी वर्ड सेंचुरी, पाथवे, म्युजिकल फांउडेन, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले आदि लगाने की मांग भी नगर निगम प्रशासन से की गई है।


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