2036 तक पूरा भोपाल बन जाएगा

लिलेश सातनकर ॥ भोपाल
भोपाल को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सरकार ग्रीन एंड ब्लू मास्टर प्लान बनाने जा रही है। स्मार्ट सिटी परियोजना के माध्यम से 2036 तक भोपाल की 100 प्रतिशत बिल्डिंग को ग्रीन बिल्डिंग में परिवर्तित कर दिया जाएगा। परियोजना में सभी घरों को पांच प्रकार की बुनियादी सेवाएं पानी की आपूर्ति, सीवरेज और शहरी परिवहन प्रदान करने और सभी के लिए जनसुविधाओं का निर्माण करने की प्लानिंग पर नगर निगम भोपाल काम कर रहा है।
भोपाल में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए कार्यों के लिए केंद्र सरकार मप्र को पुरस्कृत कर चुकी है। अब इसी परियोजना में विशिष्ट स्मार्ट परियोजना पर काम किया जा रहा है। भोपाल को रहने योग्य शहर बनाने के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिसमें ऊर्जाए, भवन, जल एवं मल प्रवाह पद्धति, ग्रीन एंड ब्लू और परिवहन। ऊर्जा की मांग को घटाने, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि और ईंधन के क्लीनर मोड का प्रयोग करने के लिए इन क्षेत्रों में विशिष्ट परियोजनाएं प्रस्तावित की जा रही है। प्रस्तावित ड्राफ्ट के मुताबिक 2036 तक भोपाल में 100 प्रतिशत ग्रीन बिल्डिंग किए जाने का प्रस्ताव है। योजना में 2036 तक मौजूदा बिल्डिंग स्टॉक्स के ग्रीन बिल्डिंग में चरणबद्ध तरीके से परिवर्तित किए जाएंगे। योजना का पहला चरण (शेष पेज 13 पर)
2036 तक भोपाल हो जाएगा…
ऊर्जा सरंक्षण का होगा, जो 2020-31 तक होगा। दूसरा चरण जल संरक्षण का होगा, जो 2021-32 तक होगा। तीसरे चरण में गृह व्यवस्था और जल प्रबंधन 2022-33 तक में होगा।
बनेगा कार्बन न्यूट्रल भवन
इस परियोजना में भोपाल स्मार्ट सिटी के नए कार्यालय को एक मॉडल कार्बन न्यूट्रल बिल्डिंग के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यह मॉडल बिल्डिंग डेवलपर्स और बिल्डरों को शहर में नेट जीरो तथा ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करेगा।
बनेगा बिल्डिंग एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम
सेंसर, इंटरनेट सिस्टम और सॉफ्टवेयर के माध्यम से बिल्डिंग की ऊर्जा आवश्यकताओं को मॉनिटर और नियंत्रित करने के लिए बिल्डिंग एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाता है। यह प्रणाली एचवीएसी, प्रकाश या सुरक्षा उपायों के उपयोग के बावजूद भवन की विभिन्न आवश्यकताओं की निगरानी और नियंत्रण कर सकती है।
पंप की कार्यक्षमता में होगा सुधार
इस परियोजना में भोपाल नगर निगम क्षेत्र में चयनित 33 कम कार्यक्षमता वाले पंपों की कार्यक्षमता बढऩे का प्रावधान है। जिसमे कुछ चयनित क्षेत्र है राजाजीकाकुवं पम्पिंग स्टेशन, ईदगाह डब्ल्यूटीपी, बैरागढ़ डब्ल्यूटीपी, याट क्लब-1, बैरागढ़ रॉ वाटर ओल्ड, बैरागढ़ नई डब्ल्यूटीपी, कमला पार्क और फतेहगढ़ बादल महल । पावर फैक्टर में सुधार करने के लिए कैपेसिटर बैंक की स्थापना की जानी है।


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