लॉर्ड्स की राह है भारत के लिए मुश्किल, लेकिन ये सुनहरी यादें जगा रहीं उम्मीद

भले ही टीम इंडिया टेस्ट मैचों में लॉर्ड्स पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी हो, लेकिन वन-डे मैचों और यहां तक कि वर्ल्ड कप में भारत ने यहां ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं.

9 अगस्त से शुरू होगा भारत-इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज हो चुका है, जिसमें पहले ही टेस्ट मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा है. भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की एक और संघर्षपूर्ण पारी आखिरकार व्यर्थ चली गई. वह दूसरे छोर से समर्थन न मिलने के कारण अपनी टीम को काफी प्रयासों के बाद भी यहां इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जीत नहीं दिला पाए. इंग्लैंड ने एक छोर से लगातार विकेट लेकर कोहली की जुझारू पारी को जाया कर दिया और भारत को 31 रनों से मात देकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली. अब भारत का दूसरा टेस्ट मैच 9 अगस्त से लॉर्ड्स में खेला जाना है. हालांकि, टेस्ट मैचों के मामले में लॉर्ड्स में भारत का रिकॉर्ड काफी खराब रहा है, लेकिन लॉर्ड्स के मैदान पर भारत की कई सुनहरी जीत भी दर्ज हैं. बता दें कि लॉर्ड्स के मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 17 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिसमें 11 में इंग्लैंड ने जीत हासिल की है तो दो मैचों में भारत को जीत मिली है जबकि 4 मैच ड्रॉ रहे हैं. वहीं, अगर वन-डे मैचों की बात करें तो इस मैदान पर भारत ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं.

लॉर्ड्स में भारत ने जीते हैं केवल 2 टेस्ट मैच
यूं तो इंग्लैंड में भारत का क्रिकेट इतिहास कोई खास नहीं रहा. टेस्ट सीरीज में तो रिकॉर्ड और भी खराब हैं. क्रिकेट का ‘मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर खेलने और जीत का सपना हर टीम देखती है, लेकिन टेस्ट इतिहास में लॉर्ड्स के मैदान पर भारत इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ दो ही जीत दर्ज कर सका है.

सबसे पहले कपिल देव की कप्तानी में जीता था लॉर्ड्स 
भारत ने लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे पहले 1986 में टेस्ट मैच जीता था. कपिल देव की कप्तानी में लॉर्ड्स पर टीम इंडिया ने पहले टेस्ट मैच में जीत हासिल की थी. इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 294 रन बनाए थे, जिसके जवाब में टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी 341 रनों पर घोषित की. इसके बाद इंग्‍लैंड दूसरी पारी में 180 रन पर ही सिमट गई थी.
इसके बाद भारत ने 5 विकेट खोकर 136 रन का लक्ष्‍य हासिल कर लिया और लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम ने लॉर्ड्स मैदान पर 10 जून 1986 को पहली बार ऐतिहासिक जीत हासिल की थी.

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में फतेह किया लॉर्ड्स 
टीम इंडिया 2014 में पिछली बार इंग्लैंड में भले ही सीरीज हार गई हो, लेकिन लॉर्ड्स पर 28 साल बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने जीत हासिल की थी. इस मैच में शुरू से ही भारतीय टीम इंग्लैंड पर हावी रही. पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी टीम इंडिया की तरफ से अजिंक्य रहाणे ने शानदार पारी खेली. हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड ने भारत पर 24 रनों की लीड बनाई. लेकिन दूसरी पारी में मुरली विजय के 95 रन, रवींद्र जडेजा के 68 और भुवनेश्वर कुमार के 52 रनों की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के सामने 319 का बड़ा लक्ष्य रखा. इंग्लैंड इस लक्ष्य का पीछा करने के इरादे से उतरी, लेकिन ईशांत शर्मा ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को जल्द ही घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. भारत ने 95 रनों के साथ 28 साल बाद लॉर्ड्स के मैदान में जीत दर्ज की.

MS Dhoni, Ajinkya Rahane

भले ही टीम इंडिया टेस्ट मैचों में लॉर्ड्स पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी हो, लेकिन वन-डे मैचों और यहां तक कि वर्ल्ड कप में भारत ने यहां ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं.

भारत-इंग्लैंड 2011 
भारत और इंग्लैंड दोनों ने ही 2011 के वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में शानदार प्रदर्शन किया था. बेंगलुरू में यह मैच टाई रहा था. इसके छह महीने बाद 5 वन डे मैचों की सीरीज इंग्लैंड में खेली गई थी. वर्षा से बाधित चौथे वन-डे में इस दौरान गजब को खेल देखने को मिला था. लॉर्ड्स के मैदान पर पहले बल्लेबाजी करते हुए महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना की 169 रनों की भागीदारी ने टीम इंडिया का स्कोर 5 विकेट पर 280 रहा. इंग्लैंड ने रनों का पीछा करते हुए शानदार जज्बा दिखाया था. लेकिन वर्षा से बाधित यह मैच टाई हो गया था.

युवराज-कैफ ने 2002 में दिलाई यादगार जीत
मार्क्स ट्रिस्कोथिक और नासिर हुसैन की शानदार पारियों की बदौलत 2002 की नेटवेस्ट त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 326 रन बनाए. सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग के जल्दी आउट हो जाने के बाद टीम इंडिया का स्कोर 5 विकेट पर 146 रनों तक पहुंच गया था. दिनेश मोंगिया, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर पवेलियन लौट चुके थे. कोई चमत्कार ही था जो टीम इंडिया को जीत दिलवा सकता था. मोहम्मद कैफ और युवराज ने लॉर्ड्स के मैदान पर चमत्कार कर दिखाया. दोनों के बीच छठी विकेट लिए 121 रनों की भागीदारी हुई. युवराज के आउट होने के बाद कैफ ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम इंडिया को जीत दिलवाई. इस जीत पर सौरव गांगुली ने शर्ट उतार कर हवा में लहराई थी और यह क्रिकेट इतिहास का एक रोमांचक पल बन गया था.

Sourav Ganguly

2002 में जब युवराज और द्रविड़ ने संभाला था लॉर्ड्स पर मोर्चा
नेटवेस्ट के फाइनल की तरह ही लॉर्ड्स के मैदान पर युवराज सिंह और राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया को कमबैक जीत दिलाई थी. 272 रनों का पीछा करते हुए द्रविड़ और युवराज के बीच 131 रनों की भागीदारी हुई. मार्क्स ट्रिस्कोथिक और नासिर हुसैन की पारियों की बदौलत मेजबान इंग्लैंड का स्कोर 50 ओवरों में 271 रहा. सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने 18 ओवरों में शानदार 109 रन बना डाले थे, लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने के बाद टीम इंडिया को 131रन ब नाने थे और उनके पास छह विकेट बची थीं. इस मैच में राहुल द्रविड़ ने अर्द्धशतक बनाया. सात गेंद शेष रहते टीम इंडिया ने यह मैच जीत लिया था.

kapil Dev

1983 में कपिल देव की टीम ने रच दिया था इतिहास 
1983 के वर्ल्ड कप की शुरुआत टीम इंडिया के लिए अंडरडोग के तमगे के साथ हुई थी, लेकिन किसी ‘परीकथा’ की तरह टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप जीत कर नया इतिहास रच दिया. टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई. फाइनल में उनका मुकाबला दो बार की वर्ल्ड कप विजेता वेस्ट इंडीज से था. क्लाइव लायड की टीम फेवरेट थी. टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 183 रन बनाए. लेकिन टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. मोहिंदर अमरनाथ ने 12 रन देकर 3 विकेट लिए. टीम इंडिया ने धुरंधर बल्लेबाजों की वेस्ट इंडीज टीम को 43 रनों से हरा कर पहला वर्ल्ड कप जीत लिया. यह लॉर्ड्स का ही मैदान था.


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