‘बदतमीजÓ कर्मचारी का नाम डिस्पले होगा बोर्ड पर

विशेष संवाददाता ॥ भोपाल
प्रदेश के सरकारी और निजी दफ्तरों में यौन शोषण मामले में राज्य सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। अब इस मामले में दोषी व्यक्तियों के नाम संबंधित दफ्तरों के डिस्पले बोर्ड पर लिखे जाएंगे। साथ ही सभी विभागों और संस्थाओं की वेबसाइट पर आंतरिक परिवाद समिति का विस्तृत विवरण
भी दिया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह कदम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर उठाया है। आयोग ने कार्यस्थल पर यौन शोषण के संबंध में 28 मार्च 2016 को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की थी। इस कार्यशाला में सामने आए अनुशसांओं को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वीकार कर लिया है। आयोग ने मप्र आयोग को यह अनुशसाएं लागू करने के लिए पत्र लिखा था। मप्र मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार के सभी विभागों को यह सिफारिशे लागू करने के लिए कहा है। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को इस सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि निजी एवं सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों द्वारा यह शपथ ली जाए कि महिला अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति वचनबद्ध होंगे। महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानित कार्यस्थल प्रदान करने में योगदान देंगे। शिकायत समितियों एवं अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई का विवरण डिस्पले बोर्ड पर सहज दृश्य स्थान पर किया जाए। समस्त प्रायवेट एवं शासकीय संस्थाओं की वेबसाइट पर आंतरिक परिवाद समिति का विस्तृत विवरण दिए जाएं। एक अन्य अनुशंसा में कहा गया है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ की रोकथाम के लिए समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए।


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