शहर के मदरसों में बिना अनुमति चल रहे छात्रावास

मामलों की जांच करने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग
छात्रों को किया जा रहा प्रताडि़त
अर्शी खान ॥ भोपाल
मप्र के मदरसे एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार मामला राष्ट्रवाद का नहीं है बल्कि मदरसों में चलने वाले छात्रावास का है। यह छात्रावास मदरसों में अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। इनको चलाने के लिए किसी भी तरह की कोई परमिशन सरकार या प्रशासन द्वारा नहीं दी जाती है। फिर भी इनको अवैध रूप से शहर के मदरसों में चलाया जा रहा है। पिछले एक साल में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास मदरसे छात्रावास से संबंधित मामले आए। इन मामलों की पूरी जानकारी करने पर पता चला की मदरसों में चलाए जाने वाले छात्रावास पूरी तरह से अवैध हैं। इनको मदरसा बोर्ड द्वारा किसी भी तरह की कोई परमिशन नहीं दी जाती है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल में लगभग 479 मदरसे मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड से रजिस्टर हैं। बाकी लगभग 1000 मदरसों को अवैध तोर पर चलाया जा रहा है। साथ ही इन मदरसों में बच्चों को मॉडर्न एजुकेशन की तालीम से वंचित रखा जाता है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अवैध रूप से चलने वाले मदरसों की जानकारी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था और पत्र में साफ उल्लेख किया था कि अवैध रूप से चलने वाले मदरसों की पूरी जांच की जाए साथ ही जल्दी से जल्दी हमें सूची दी जाए।
केस-1
शाहजहांनाबाद स्थित मदरसा छात्रावास में पढऩे वाली चौथी क्लास की छात्रा को किसी परेशानी के चलते सिर में खुजाल चलती थी, मैडम ने समझा की सिर में जुएं हैं, जिसके चलते छात्रा के बाल काट दिए। जब इसकी जानकारी छात्रा के घर वालों को चली तो उन्होंने बाल अधिकार सरंक्षण आयोग में आकर मदरसे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। जब आयोग ने मदरसे की पूरी जांच की तो पता चला की मदरसा अवैध रूप से चल रहा है।
केस-2
ऐशबाग स्थित मदरसा छात्रावास में पढऩे वाली पांचवी कक्षा की छात्रा की फीस मदरसे में समय पर जमा न होने के कारण कुछ घंटों तक खड़ा रखा। साथ ही उसको क्लास में बैठकर पढऩे भी नहीं दिया। मामले की शिकायत लेकर छात्रा आयोग पहुंची। जब मामले की जांच की गई तो पता चला की मप्र मदरसा बोर्ड में इस मदरसा का रजिस्ट्रेशन नहीं है।
मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड में भोपाल के 479 मदरसों का रजिस्ट्रेशन है। हमारे अंतर्गत आने वाले किसी भी मदरसे में छात्रवास नहीं है। बाकि जिन मदरसों का रजिस्ट्रेशन नहीं है उनकी हमें कोई जानकारी नहीं है। हम सिर्फ उन्हीं मदरसों का रजिस्ट्रेशन करते हैं, जो मॉडर्न एजुकेशन और दीनी तालीम दोनों का ज्ञान बच्चों को देते हैं। अवैध रूप से चलने वाले मदरसों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
> प्रो. सय्यद इमाद हुसैन, अध्यक्ष, मप्र मदरसा बोर्ड
भोपाल में अवैध रूप से चलने वाले मदरसों की जानकारी के लिए हमने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है।
> ब्रजेश सिंह चौहान, सदस्य, बाल अधिकार संरक्षण आयोग


facebook - जनसम्पर्क
facebook - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
twitter - जनसम्पर्क
twitter - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
जिला प्रशासन इंदौर और शासन की दैनंदिन गतिविधियों और अपडेट के लिए फ़ॉलो करें