अब सांसद, विधायक और पार्षद नहीं लड़ पाएंगे एमपीसीए चुनाव

सच संवाददाता ॥ इंदौर
मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव अब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज नेता नहीं लड़ सकेंगे। प्रदेश का कोई भी सांसद, विधायक और पार्षद अब एमपीसीए का चुनाव नहीं लड़ सकेगा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी और मनोनीत व्यक्ति के भी चुनाव लडऩे पर पाबंदी लगा दी है। एमपीसीए के नए संविधान को हरी झंडी मिलने के बाद ये सभी नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। अब मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में एक व्यक्ति एक पद का नियम लागू होगा।लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत किए गए संविधान संशोधन के बाद अब अगले चुनाव नियमानुसार 20 नवंबर से पहले होंगे। 24 अक्टूबर को होलकर स्टेडियम में होने वाले भारत-वेस्टइंडीज मैचे के आयोजन की जिम्मेदारी हालिया मैनेजिंग कमेटी को सौंपी गई है। अब हर साल 6 नए सदस्य बनाए जाएंगे। इन सदस्यों में पूर्व या वर्तमान अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ दो पुरुष और एक महिला खिलाड़ी को शामिल किया जाएगा। बाकि खिलाड़ी ओपन कैटेगरी से सदस्य बनाए जाएंगे।नए चुनाव के बाद एमपीसीए में पांच पदाधिकारी होंगे। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव और कोषाध्यक्ष के पद होंगे। इसके अलावा चार मैनेजिंग कमेटी के सदस्य होंगे।
नए नियमानुसार एक महिला व एक पुरुष क्रिकेटर भी कार्यकारिणी में शामिल होंगे। इसके साथ ही 70 वर्ष की आयु वाले, लगातार दो कार्यकाल में पद पर रहे और 9 साल तक किसी भी पद पर रहे सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।285 सदस्यों वाले मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के 137 सदस्यों की मौजूदगी मे 60 साल के इतिहास को दूसरी बार एमपीसीए के संविधान में संशोधन किया गया है। इससे पहले 2008 में भी संशोधन किया गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया 2004 से पदाधिकारी है और वे दो बार चेयरमैन व एक बार प्रेसीडेंट भी रह चुके हैं, जबकि कैलाश विजयवर्गीय एमपीसीए चुनाव में दो बार शिकस्त खा चुके हैं।


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