मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है भागवत कथा: प्रीतमानंद

सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
ग्राम रातीबड़ खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में स्व.जमुना प्रसाद विरथरिया की स्मृति में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान मथुरा वृंदावन से आए हुए प्रसिद्ध कथा वाचक स्वामी प्रीतमानंद महाराज कहा कि भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की समस्या के समाधान का मार्ग भी भागवत ही है। उन्होंने कहा कि ग्वाल बालों के साथ मिलकर कृष्ण ने समाज को इन्हीं विकारों पर विजय प्राप्त करने की साधना बताई संपूर्ण दुनिया का संघर करने की क्षमता रखने वाले अपने अहंकार के आगे विवश हो जाता है उस अहंकार पर विजय कैसे प्राप्त किया जाए कृष्ण ने उस मार्ग को बताया है। महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा करने से पितरों का उद्धार हो जाता है भागवत पुराण करवाने वाला अपना उद्धार तो करता ही है अपितु अपने साथ पीढय़िों का उद्धार कर देता है। पापी से पापी व्यक्ति भी यदि सच्चे मन से श्रीमद् भागवत की कथा सुन ले तो उसके भी समस्त पाप दूर हो जाते हैं जीवन पर्यंत कोई पाप कर्म करता रहे और पाप कर्म करते करते मर जाए एवं भयंकर भूत प्रेत योनि में चला जाए यदि उसके नाम से हम श्रीमद् भागवत कथा करवाएं तो वह भी बैकुंठ लोक को प्राप्त करता है।
कथा आयोजन समिति के पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि आज गोवर्धन पर्वत की पूजा की गई एवं भगवान कृष्ण कन्हैया को छप्पन भोग लगाया गया। व्यासपीठ की पूजा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा, मुख्य यजमान ममता पंडित ,हेमंत विरथरिया, अनिल महाराज ,सरपंच दुलीचंद विरथरिया, बनवारीलाल विरथरिया, ब्रह्मानंद शर्मा ,रघुवीर विरथरिया ,नितम शर्मा, रमेश विरथरिया ने की।


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