बेटियों को पढ़ाओ-लिखाओ, अगली बार तुम्हारे यहां पुत्र बनकर आऊंगा

भगवान श्रीकृष्ण की बातों का उल्लेख करते हुए मृदुल महाराज
सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
संत शिरोमणि हिरदराम साहिब के आंगन में श्रीमद भागवत कथा में आचार्य मृदुल कृष्ण महाराज ने कथा के दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं की सीख दी। उन्होंने वाचन करते हुए कहा कि शास्त्रों में श्रीकृष्ण ने इच्छा जाहिर की है कि जिस घर में कन्या धन होता है वहां सम्मान होता है। भगवान श्रीकृष्ण कहते है कि जिस घर में कन्या धन है उस घर में मेरा वास है। बेटियों को पढ़ानाए लिखाना, उनकी अच्छी परवरिश करना, उनका सम्मान करना तो मैं तुम्हारे घर अगली बार पुत्र बनकर ही आऊंगा। कथा के तीसरे दिन संत हिरदाराम नगर सहित पूरे शहर में दोपहर से ही तेज बारिश हुई लेकिन श्रृद्धालुओं ने बारिश की चिंता किये बगैर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा का आनंद उठाया।
पितृपक्ष में वर्षा का होना पितृं की प्रसन्नता का कारण होता है। इंद्र देव ने सबके पितृं का तर्पण किया है। एक और इंद्र जी जल वर्षा कर रहे हैं, वही दूसरी ओर व्यास गादी से भागवत रस की वर्षा हो रही है। भागवत मनोरंजन नहीं है भागवत आत्मरंजन है। भक्ति में लीन होने से भगवान अवश्य हमारे मन की सुनते है। आचार्य मृदुल महाराज ने कथा वाचन में कहा कि तीन दान करते समय व्यक्ति को पात्रता पर अवश्य विचार करना चाहिये ताकि उनके द्वारा किये गये दान का सदउपयोग हो सके। कन्या, भूमि और गौ दान करने से पहले विचार अवश्य करना चाहिये। वहीं भूखा, निर्वस्त्र और बीमार को लेकर पात्रता का विचार नहीं करना चाहिये। इन्हें तत्काल भोजनए वस्त्र और औषधि दिलाना चाहिये। आचार्य मृदुल कृष्ण ने कथा के दौरान भीष्म पितामह और मधुसूदन सरस्वती जी के प्रसंग सुनाते हुये कहा कि भक्ति में लीन श्रृद्धालुओं को भगवान अवश्य याद करते है। भक्ति की शक्ति भगवान भी पहचानते है इसलिये उन्होंने पितामह और सरस्वती जी की साधना और आराधना के बदले भव्य दर्शन दिये। भगवान श्रीकृष्ण जी अर्जुन से बोले कि जो मुझे याद, भजन और मेरी स्तुति करता है तो मैं भी उसे याद अवश्य करता हूं। भागवत भक्त को भी कहते है और भागवत भगवान को भी कहते है।
सभी व्रतों में सत्य व्रत सबसे बड़ा
महाराज जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा में कहा गया है कि सत्य व्रत सबसे बड़ा व्रत है। यदि कोई व्रत लेना या करना है तो सत्य के मार्ग पर चलो। भगवान कहते है कि जो मेरे सामने नाचेगा उसे जीवन में नाको चने नहीं चबाने पड़ेंगें। भागवत में कहा है कि जो मेरे लिये रोता हैए नाचता हैए व्रत करता है वह भक्त पूरे संसार को पवित्र कर रहा है।
कृष्ण जन्म उत्सव आज
कथा के चौथे दिन शुक्रवार को नंद उत्सव मनाया जायेगा। आचार्य श्री मृदुल कृष्ण जी ने पंडाल में उपस्थित हज़ारों श्रद्धालुओं से अपील की है कि कल सभी महिलायें पीले और केसरी वस्त्र एवं पुरूष कुर्ता.पजामा व धोती पहनकर इस मंगल उत्सव में शामिल हो। कर्मश्री के अध्यक्ष एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कल नंद उत्सव में सभी लोग अपने घर से कुछ न कुछ प्रसाद अवश्य लाये।


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