विवेक तिवारी मर्डरः आरोपी पुलिसकर्मी के समर्थन में सिपाहियों ने बांधी काली पट्टी, 3 निलंबित

प्रदेश के कई जिलों से सिपाही और दरोगा के लामबंद होने की खबरें आई.

लखनऊ के गुडम्बा थाने में पुलिसकर्मियों ने किया काली पट्टी बांध कर समर्थन किया.

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में डीजीपी की हिदायत के बावजूद उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही और दरोगा के बगावती तेवर जारी है. विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को जेल भेजने के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही और दरोगा काला दिवस मना रहे है. पुलिसकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया. लखनऊ के नाका थाने में सिपाही अरुण ने काली पट्टी बांधकर प्रशांत और संदीप का समर्थन किया वहीं लखनऊ के गुडम्बा थाने में भी पुलिसकर्मियों ने किया काली पट्टी बांध कर समर्थन किया. इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों से सिपाही और दरोगा के लामबंद होने की खबरें आई.

यूपी के सीतापुर में तंबौर थाने में सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया. इस बात की जानकारी जब पुलिस के आलाधिकारियों को हुई तो आनन फानन में सिपाहियों ने अपने हाथ से काली पट्टी को उतार दिया.

पुलिस उप महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने शुक्रवार की शाम एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राजधानी के कई पुलिस थानों में काली पट्टी बांधकर पुलिसकर्मियों के काम करने की खबरें आयी थीं लेकिन जांच में अभी तक तीन पुलिसकर्मियों की पहचान सोशल मीडिया में फोटो के आधार पर हुई है . इनमें थाना नाका, थाना गुडंबा और थाना अलीगंज के सिपाही शामिल थे . इन तीनों सिपाहियों को तत्काल निलंबित कर इस मामले की जांच के आदेश दिये गये हैं . जिन पुलिस थानों में ये पुलिसकर्मी तैनात थे, वहां के थानाध्यक्षों को तुरंत पद से हटाये जाने के आदेश दिये गये हैं .

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से जिन-जिन पुलिस कर्मियों की पहचान होती जायेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी . कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ स्थानों से पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर काली पट्टी बांधकर काम किये जाने की खबरें मिली हैं. उन पुलिसकर्मियों द्वारा काली पट्टी बांधे जाने की सचाई, समय और उद्देश्य के बारे में विस्तृत छानबीन के आदेश दिये गये हैं.

पुलिस उप महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान ऐसा देखा गया है कि पुलिस बल का माहौल खराब करने के लिये कुछ तस्वीरें गढ़कर उन्हें सोशल मीडिया पर पेश किया गया है. इस मामले में पूर्व में पुलिस सेवा से बर्खास्त किये गये सिपाही बृजेन्द्र यादव और अविनाश पाठक को क्रमशः वाराणसी और मिर्जापुर से गिरफ्तार किया गया है. सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है और जांच में दोषी पाये जाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

इससे पहले कल एटा जिले में तैनात कांस्टेबल सर्वेश चैधरी ने फेसबुक पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किया था. इस पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए उसे गुरुवार को निलम्बित कर विभागीय कार्यवाही की जा रही है.

लखनऊ में पिछले दिनों हुए विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपी पुलिसकर्मियों के समर्थन में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा काली पट्टी बांधकर काम करने की योजना के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने बताया कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं. हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है.

उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने पहले से ही इस मामले को सर्विलांस पर ले रखा है, उसमें पाया गया है कि कुछ बर्खास्त पुलिसकर्मी इस तरह की बातें कर रहे हैं. हमने इस मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. जहां पर आपराधिक दायित्व होगा, विवेचना के दौरान उन सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा. दोषी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि पिछले शनिवार को गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में हुए विवेक तिवारी हत्याकाण्ड के आरोपी पुलिसकर्मियों प्रशांत चैधरी और संदीप कुमार का कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा समर्थन किये जाने की खबरें आ रही हैं. साथ ही तिवारी को गोली मारने के आरोपी प्रशांत की मदद के लिये पुलिसकर्मियों द्वारा चंदा एकत्र किये जाने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं.


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