थाईलैंड ने मांगा अंतरराष्ट्रीय कछुआ तस्कर मुरूगेसन का रिकार्ड

सच संवाददाता ॥ भोपाल
थाईलैंड ने अंतरराष्ट्रीय कछुआ तस्कर मुरूगेसन पर दर्ज अपराधिक रिकार्ड की जानकारी सागर जेलर से मांगी है। इसके साथ ही अब प्रत्र्यापण कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। थाईलैंड दूतावास द्वारा मांगी गई जानकारी के संबंध में सागर जेलर ने एसटीएसएफ को जानकारी भेजी है। वहीं इंटरपोल ने मुरूगेसन के खिलाफ पहले ही मध्य प्रदेश एसटीएसएफ को रेड कार्नर नोटिस जारी कर चुका है।
दरअसल, इंटरपोल ने मप्र एसटीएसएफ के हाथ लगे कुख्यात अंतरराष्ट्रीय कछुआ तस्कर के खिलाफ पहले रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। सात देशों में कछुओं की तस्करी करने वाले मुरूगेसन को मध्यप्रदेश एसटीएसएफ ने नौ माह पहले चैन्नई से गिरफ्तार किया था। इस समय वह सागर की जेल में बंद है। पिछले दिनों बांग्लादेश के ढाका में हुई इंटरपोल की बैठक में मुर्गेशन के बारे में जानकारियां साझा की गई थी। थाईलैंड की न्यायालय के फैसले के बाद दूतावास ने आपराधिक मामलों की फाईलें सागर जेलर से मांगी है। थाईलैंड में भी मुरूगेसन कछुओं की तस्करी करता था। यहां भी उसके खिलाफ वन्य प्राणियों की तस्करी का मामला दर्ज है। थाईलैंड दूतावास द्वारा मांगी गई आपराधिक रिकार्ड फाइलें मांगें जाने की जानकारी सागर जेलर ने एसटीएसएफ को दी है। बता दें कि कई देशों में मोस्ट वांटेड मुरूगेसन को एसटीएसएफ टीम ने इसी साल 30 जनवरी को चेन्नई से गिरफ्तार कर सागर के विशेष वन्य प्राणी संबंधी न्यायालय में पेश किया था। वहीं प्रदेश की उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत खारिज कर दी थी। मुर्गेशन तभी से सागर जेल में है। बांग्लादेश, मलेशिया, थाईलैंड आदि कई देशों की कानून प्रवर्तन संस्थाओं, भारत के वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरों, अन्य राज्यों की पुलिस और वन विभाग को लंबे समय से मुर्गेशन की तलाश थी। मुर्गेशन दुनिया में दुर्लभ प्रजाति के कछुए की तस्करी में तीसरे नंबर पर आता है। सिंगापुर में रहने वाले मुरूगेसन का अवैध व्यापार सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर में फैला है। आखिरी वीजा एसटीएसएफ को सिंगापुर का मिला था।


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