आंगनबाडिय़ों में गुड एवं बेड टच की क्लास

सच संवाददाता ॥ भोपाल
प्रदेश में बच्चियों के साथ दुव्र्यवहार और ज्यादतियों की बढ़ती घटनाओं के बाद प्रदेश की आंगनबाडिय़ों में बच्चों को गुड एंड बेड टच का पाठ पढ़ाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश में एक लाख 10 हजार से ज्यादा आंगनबाडिय़ां हैं। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ ही वहां पर उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बच्चों को गुड एवं बेड टच से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इस संबंध में पोस्टर छपवाए गए हंै, जिन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजा गया है, ताकि किशोरी बालिकाएं एवं बच्चे इन्हें देखकर या पढ़कर गुड बेड टच के बारे में समझ सकें। वैसे महिला पुलिस सेल द्वारा भी स्कूलों एवं छात्रावासों में छात्राओं को गुड एवं बेड टच के बारे में बताया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस समय जिस तरह का माहौल चल रहा है उसमें अपराधियों द्वारा छोटे बच्चों एवं बच्चियों को ज्यादातर अपना शिकार बनाया जाता है, क्योंकि वे आसानी से झांसे में आ जाते हैं और इसका का फायदा उठाकर उनके साथ घटनाएं की जाती हैं। बच्चों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से यह अभिनव प्रयास शुरू किया गया है ताकि बच्चे अच्छे और बुरे के बीच पहचान कर सकें। यदि बच्चे जागरूक होंगे तो इससे इन घटनाओं पर भी रोक लग सकेगी। आंगनबाडिय़ों में वैसे तो 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे आते हैं।
इसलिए पोस्टर के माध्यम से बच्चों के लिए कार्टून के जरिए गुड एवं बेड टच के बारे में बताया गया है। संकेत चिन्ह, चित्रों एवं कार्टून के माध्यम से अच्छे और बुरे का अहसास कराया है। अधिकारियों का कहना है कि उनके द्वारा पोस्टर छपवाए गए हैं, जिन्हें प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में भेजा जा रहा है, ताकि बच्चे इन पोस्टरों के माध्यम से अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जान सकें।


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