चुनावी माहौल हुआ तैयार, मगर चुनावी रोटी नसीब नहीं

सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में चुनाव के तारीखों की ऐलान के साथ ही मध्यप्रदेश चुनावी रंग में रंगने लगा है। ऐसे में रोजी-रोटी की आस लगाए बैठे लोगों की नजरें चुनावी माहौल पर टिकी गई है। चुनाव के दरमियान रोजगार मिलने की आस लगाए लोगों के अनुसार पहले जहां चुनाव जिन बेरोजगारों रोजी-रोटी का जरिया बन जाया करते थे, मौजूदा समय में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
बड़े पैमाने पर मिलता था रोजगार
एक दौर था, जब चुनाव की तारीख आते ही बैनर, पोस्टर की बाढ़ आ जाया करती थी। उस वक्त चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और बैज का काम होता था। हर तरफ बैनर, पोस्टर ही नजर आते थे। गली, मोहल्लों में रहने वालों तक को रोजगार मिल जाया करता था, लेकिन चुनावी परिदृश्य में हुए बदलाव के चलते राजनीतिक पार्टी का रुझान अब बड़े-बड़े दुकानदारों से बल्क में चुनाव सामग्री की खरीदी किए जाने से छोटे-मझोले दुकानदारों की शामत आ गई है। राजधानी की बात करें तो यहां के स्थाई दुकानदार परेशान हैं,क्योंकि बाहरी दुकानदार यहां पहुंचकर सड़क किनारे खुले तौर पर दुकान लगा रहे हैं। जिसकी बानगी भोपाल के सात नंबर स्टॉप, बीजेपी कार्यालय के बगल में लगी श्यामभाई झंडा वाला के नाम की दुकान है,जहां आचार संहिता का खुला उल्लंघन करते हुए पब्लिक प्लेस,सड़क किनारे चुनाव प्रचार सामग्री की बिक्री की जा रही है।


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