रणदीप सुरजेवाला ने साधा CM शिवराज पर निशाना, बोले- ‘उन्होंने सिर्फ रिश्वतखोरी से दोस्ती निभाई’

‘ना किसान पुत्र, ना बेटियों के मामा, ना आदिवासियों का भाई. ना रोजगार ना शिक्षा, ना स्वास्थ, ना फसलों की कमाई. केवल रिश्वतखोरी और घोटालेबाजों से दोस्ती निभाई.’

(फोटो साभारः Twitter/@INCMP)

भोपालः मध्य प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और आज शाम 5 बजे से राज्य में चुनाव प्रचार थम जाएंगे, जिसके चलते सभी पार्टियों ने 28 नवंबर को होने वाले चुनाव में ज्यादा से ज्यादा वोट पाने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक दी है और इसी क्रम में आज भोपाल में कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए उन पर जमकर कटाक्ष किया.

258 परिवार BPL धारक- सुरजेवाला
CM शिवराज पर निशाना साधते हुए सुरजेवाला ने शायराना अंदाज में कहा कि ‘ना किसान पुत्र, ना बेटियों के मामा, ना आदिवासियों का भाई. ना रोजगार ना शिक्षा, ना स्वास्थ, ना फसलों की कमाई. केवल रिश्वतखोरी और घोटालेबाजों से दोस्ती निभाई. मामा के गांव जैत (बुधनी) में 90% से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, सरकार के ‘समग्र पोर्टल’ पर बताया गया कि वहां कुल 327 परिवार है, जिनमें 258 परिवार BPL व 36 परिवार पीला कार्ड धारक हैं.’

’32 में से 31 आंगनवाड़ियों में बिजली नहीं’
उन्होंने आगे कहा कि ‘करोड़पति मामा के ‘दिये तले गरीबी का अंधेरा फैला है. मामा की बुधनी विधानसभा का ‘बकतरा सेक्टर’  जिसमें जैत गांव भी आता है वहां 32 में से 31 आंगनवाड़ियों में अभी भी बिजली नहीं है व 17 आंगनवाड़ियों में खाना पकाने के बर्तन नहीं है. सीएम शिवराज ने किसानों को ना फसल की सही कीमत दी और ना ही कर्जमाफ किया. जिसके चलते अब मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार का होगा सूपड़ा साफ. शिवराज सिंह चौहान पूरे प्रदेश के एकमात्र ऐसे तथाकथित किसान पुत्र हैं जो कभी फसल बेचने के लिए कतारों में नहीं देखे गए.’

एक स्कूल में एक मास्टर- सुरजेवाला
उन्होंने आगे कहा कि ‘मध्य प्रदेश में 2 करोड़ 34 लाख लोग गरीबी से जूझ रहे हैं, ये केंद्र की रिपोर्ट कह रही है ना कि मैं. एमपी में 27 प्रतिशत गरीब बढ़ गए हैं ये भी केंद्र कहता है. 19 हजार ऐसे स्कूल हैं जहां एक स्कूल में एक मास्टर है, ये 2016 और 17 की सीएजी की रिपोर्ट कहती है. प्रदेश के 72 प्रतिशत स्कूलों में बिजली का कनेक्शन नहीं है, ऐसा एजूकेशन डेवलपमेंट इंडेक्स कहता है.’


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