अपने चहेते प्रत्याशी को वोट मिला कि नहीं देख सकेगा वोटर

सच संवाददाता ॥ भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार ईवीएम के साथ-साथ वीवीपैट मशीन का भी प्रयोग हो रहा है। वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीन का उपयोग किया जायेगा, जिससे मतदाता को ये पता चल जाएगा कि उसने जिस प्रत्याशी को वोट दिया है, वोट उसी प्रत्याशी को मिला है या नहीं।
दरअसल, निर्वाचन आयोग ने मतदान की प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिये यह प्रयोग शुरु किया है। मतदाता जैसे ही ईवीएम पर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के चुनाव चिह्न का बटन दबाएगा तो उसे वीवीपैट मशीन पर एक पर्ची दिखाई देगी। खास बात ये है कि वीवीपैट पर ये पर्ची केवल 7 सेकंड के लिए ही दिखाई देगी, जिसके बाद वो स्वत: मशीन के अंदर चली जाएगी। वीवीपैट पर दिखाई देने वाली पर्ची एक पारदर्शी ग्लास में रहेगी, जिससे किसी तरह की छेड़छाड़ न होने पाये। इस प्रयोग से मतदाताओं का भी ईवीएम के प्रति विश्वास बढ़ेगा क्योंकि उसे उसी समय पता चल जाएगा कि उसका वोट सही जगह जा रहा है या नहीं। यूं तो भारतीय लोकतंत्र में मतदान की प्रकिया में कई बार बदलाव किये गये हैं, लेकिन, यह अब तक का सबसे आधुनिक और सुरक्षित बदलाव माना जा रहा है। ऐसे में इस बात से भी आपको रुबरू कराने की जरुरत है कि मतदान के दौरान ईवीएम के साथ वीवीपैट किस तरीके से काम करेगा। चुनाव आयोग का इस बार लक्ष्य है कि अंतिम छोर का हर मतदाता अपने मत का प्रयोग करे और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मदद करे, जिसके लिए उसने वीवीपैट मशीन को पंचायत स्तर पर प्रदर्शित कराया गया था।


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