विधानसभा पहुंचने लगे नए विधायक

विशेष प्रतिनिधि ॥ भोपाल
पंद्रहवीं विधानसभा के लिए चुन कर आए नए सदस्यों का विधानसभा भवन पहुंचने का सिलसिला आज से शुरू हो गया है। नए सदस्यों के लिए विधानसभा भवन में गेट को सजाया गया है तो एक ही स्थान पर उनके प्रमाणपत्र जमा कराने से लेकर विधानसभा संबंधी तमाम औपचारिकताएं पूरी करने का काम भी शुरू हो गया।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक के सिलसिले में भोपाल में दो दिन से डेरा डाले बैठे नए विधायकों के साथ भाजपा के टिकट पर चुने गए सदस्य भी विधानसभा भवन पहुंच कर अपने निर्वाचन प्रमाणपत्र जमा कर रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक सात सदस्य इस काम के लिए विधानसभा पहुंचे थे। इनमें भाजपा के नागेंद्र सिंह गुढ़, गिरीश गौतम, कांग्रेस के घनश्याम सिंह सबसे पहले पहुंचे थे। विधानसभा के प्रमुख सचिव ए. पी. सिंह से भी इनने मुलाकात की।
नए सदस्यों की अगवानी के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा स्वागत कक्ष बनाया गया है। इसी स्थान पर उऩके प्रमाणपत्र लेने के साथ परिचय पत्र के लिए फोटो निकालने और डिजिटल हस्ताक्षर, कूपन आदि वितरित किए जा रहे हैं। सदस्यों को विधानसभा की कार्यप्रणाली संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। विधानसभा के अवर सचिव नरेंद्र मिश्रा के अनुसार चुनाव आचार संहिता हटने और नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नए सदस्यों को मिलने वाली सुविधाएं देने का काम शुरू कर दिया गया है।
हारे हुए विधायकों को अल्टीमेटम, 3 दिन में खाली करें सरकारी बंगला
भोपाल। 15 सालों बाद कांग्रेस वनवास काट प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है।इसके साथ ही नए विधायकों के स्वागत की तैयारियां भी जोरों पर है। 17 दिसंबर को शपथ ग्रहण करते ही नए विधायको को बंगला आवंटित कर दिया जाएगा। वही विधानसभा सचिवालय द्वारा हारे गए 119 विधायकों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उन्हें तीन दिन में बंगला खाली करने का अल्टीमेटम भी दिया गया है। दरअसल मध्यप्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही अब सरकारी आवास खाली कराने की कवायद शुरू हो चुकी है। जहां बीजेपी के ज्यादातर मंत्रियों को अपने सरकारी बंगले खाली करने पड़ रहे है वहीं सचिवालय द्वारा हारे गए 119 विधायकों को बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। इसके लिए उन्हें तीन दिन का अल्टीमेटम मिला है। सचिवालय ने नए विधायकों के लिए आवास कम होने का तर्क दिया, जबकि टिकट कटने वाले 43 पूर्व विधायकों को पहले ही आवास खाली करने का नोटिस मिल चुका है। बताते चले कि इसके पहले टिकट कटने पर 43 विधायकों को नोटिस दिया गया था।इनमें मेहरबान सिंह रावत,सत्यपाल सिंह सिकरवार, मुकेश चतुर्वेदी, प्रदीप अग्रवाल, घनश्याम पिनोरिया, शकुंतला खटीक, पन्नालाल शाक्य, पारुल साहू, केके श्रीवास्तव, अनिता नायक, आरडी प्रजापति, उमादेवी खटीक, मेहन्द्र सिंह, रमाकान्त तिवारी, राजेन्द्र मेश्राम, प्रमिला सिंह, मनोज कुमार अग्रवाल, मोती कश्यप, पंडित सिंह धुर्वे, कमल मर्सकोले, गोविंद सिंह पटेल, नाथनशाह कवरेती, जतन उइके, चंद्रशेखर देशमुख, चेतराम मानेकर, गोवर्धन उपध्य्याय, मंगल सिंह धुर्वे, कल्याण सिंह ठाकुर, गोपाल परमार, जसवंत सिंह हाड़ा, चंपालाल देवड़ा, लोकेंद्र सिंह तोमर, वेलसिंह भूरिया, कालू सिंह ठाकुर के नाम शामिल है।


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