अफसरों ने शुरू की मुख्य सचिव के दावेदारों की गणेश परिक्रमा

सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
सत्ता परिवर्तन के साथ प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में भी बदलाव की बयार चलने लगी है। पसंदीदा विभागों में पोस्टिंग पाने के लिए अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ-साथ मुख्य सचिव पद के दावेदारों की गणेश परिक्रमा भी शुरू कर दी है।
प्रदेश का अगला प्रशासनिक मुखिया अभी औपचारिक रूप से तय होना बाकी है लेकिन मुख्य सचिव बनने की संभावना वाले अफसरों के कार्यालयों में रौनक नजर आने लगी है। किसी के आफिस में कोई फोन करके मिलने का समय मांग रहा रहा तो किसी को कोई एसएमएस करके मुख्य सचिव बनने की अग्रिम बधाई दे रहा है। यह वक्त का बदलाव है कि सीएस के दावेदारों में से कुछ से अभी तक कटे-कटे रहने वाले अधिकारी भी अब उनकी परिक्रमा करते नजर आ रहे हैं। सरकार बदलने के साथ ही नए मुख्य सचिव के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। वर्तमान मुख्य सचिव बीपी सिंह 31 दिसम्बर को रिटायर होने जा रहे हैं। फिलहाल सीएस के नाम के लिए 1982 बैच के अधिकारी एसआर मोहंती के अलावा आरएस जुलानिया, एम गोपाल रेड्डी समेत कुछ नाम और भी नाम चल रहे हैं। जल्द ही नये सीएस को लेकर फैसला किया जा सकता है और इसमें एसआर मोहंती के नाम पर मुहर लग सकती है। शपथ लेने के साथ ही प्रदेश के नए मुखिया कमलनाथ सिस्टम को कांग्रेस के वचन पत्र और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के हिसाब से सेट करने में जुट गए हैं। प्रशासनिक फेरबदल के लिए अफसरों की कुंडली तैयार की जा चुकी है। पहली कड़ी में आईएएस अफसरों के तबादलों की पहली सूची जारी की जा सकती है। इनमें कुछ कई जिला कलेक्टर और मंत्रालय स्तर पर एसीएस, पीएस और कुछ विभाग प्रमुख बदले जा सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि शिवराज सरकार में लम्बे समय से पदस्थ अफसरों की बदली तय मानी जा रही है। ऐसे अफसरों की सूची पहले ही बना ली थी, जो भाजपा के फेवर में काम कर रहे थे। दरअसल लोकसभा चुनाव से पहले कमलनाथ मंत्रालय से लेकर विभागों तक अपने हिसाब से अफसरों जमावट करना चाहते हैं। इसमें गृह,परिवहन, ऊर्जा, पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग, समान्य प्रशासन, जनसंपर्क, नगरीय प्रशासन जैसे महकमों में अफसरो को बदले जाने की तैयारी हो रही है।
बदल सकते हैं दो दर्जन कलेक्टर
प्रशासनिक सर्जरी में दो दर्जन से अधिक कलेक्टरों के बदले जाने के आसार हैं। अभी तक भाजपा के पक्ष में काम करने वाले कलेक्टर्स के नाम ही इस सूची में शामिल थे लेकिन अब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रमुख कांग्रेस नेताओं के साथ ही सांसद और विधायकों से भी हटाने जाने वाले अफसरों के नाम लिए हैं। इस लिहाज से सूची लंबी हो गई है और प्रदेश के दो दर्जन से अधिक जिलों में कलेक्टर बदले जा सकते हैं।
मंत्रालय स्तर पर भी होगा फेरबदल
कांग्रेस सरकार के कामकाज संभालते ही गृह, जनसंपर्क, उद्योग और सामान्य प्रशासन विभाग , वाणिज्यक कर, कृषि, नगरीय प्रशासन, सामान्य प्रशासन, ग्रामीण विकास में बडे स्तर तक अधिकारियों को बदला जाना है। प्रशासनिक जमावट नए मुख्य सचिव के चयन के बाद होगी। यह एक या दो दिन में तय हो सकता है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों में भी फेरबदल के बावजूद अशोक वर्णवाल के प्रमुख सचिव बने रहने की संभावना है। श्री वर्णवाल अपना आफिस नई बिल्डिंग में शिफ्ट करवा चुके हैं।
दूर होगी प्रशासनिक अराजकता
1994 बैच के कई अधिकारी एक वर्ष पहले प्रमुख सचिव पद पदोन्नत होने के बाद भी पोस्टिंग के लिए इंतजार कर रहे हैं। इस बैच में विवेक अग्रवाल को नगरीय प्रशासन एवं विकास, हरिरंजन राव को मुख्यमंत्री कार्यालय तथा रश्मि अरूण शमी को सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) में प्रमुख सचिव के पद पर पोस्टिंग मिल गई । यह सभी इन्ही विभागों आयुक्त और सचिव पदस्थ थे लेकिन इसी बैच की पल्लवी जैन गोविल, शिवशेखर शुक्ला, दीपाली रस्तोगी, मनीष रस्तोगी एक वर्ष से प्रमुख सचिव बनने के बाद भी आयुक्त के पद पर काम कर रहे हैं। साफ सुथरी छवि और काम से काम रखने वाली पल्लवी जैन गोविल प्रमुख सचिव बनने के बाद एक वर्ष से स्वास्थ्य आयुक्त ही पदस्त हैं जबकि शिवशेखर शुक्ला आयुक्त चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एक वर्ष से प्रशासनिक अराजकता का दंश झेल रहे इन अधिकारियों अच्छे दिन शीघ्र ही आ सकते हैं।


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