राज्यपाल के अभिभाषण में नहीं होंगी शिवराज की उपलब्धियां!

विशेष प्रतिनिधि ॥ भोपाल।
प्रदेश में तेरह साल बाद सरकार बदलने के साथ राज्यपाल के अभिभाषण को तैयार करने को लेकर विभागों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण में पिछली भाजपा सरकार की उपलब्धियों का बखान नहीं होगा। इनकी जगह लेंगे वचन पत्र की घोषणाएं और उन पर कमलनाथ सरकार द्वारा अब तक लिए गए निर्णय।
परंपरा के अनुसार साल के पहले विधानसभा सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण होता है, जिसमें राज्यपाल द्वारा प्रदेश सरकार की पिछले सालों की उपलब्धियों के साथ ही आगे उनकी सरकार क्या करने वाली रोडमैप बताया जाता है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा सदन में पढ़े जाने वाले इस अभिभाषण में इस बार पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार की सौगातों के बजाए कमलनाथ सरकार के गठन के साथ की गई किसानों की दो लाख रुपए तक की कर्जमाफी, चार गारमेंट पार्क बनाने, पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश, कन्या विवाह की सहायता राशि को बढ़ा कर 51 हजार रुपये करना आदि को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा। वहीं हर ग्राम पंचायत में गौशाला खोलने, अध्यात्म विभाग का गठन सहित वचन पत्र में शामिल बिंदुओं पर फोकस होगा। अभिभाषण के लिए सभी विभागों से उनके कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी मांगी गई है, साथ ही वचन पत्र के आधार पर उन विभागों में शुरू किए जाने वाले कार्यों के बारे में भी बताने को कहा गया है। विभागों की मुश्किल यह है कि पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई नई योजनाओं और कार्यक्रमों का ज्यादा बखान शिवराज सरकार के खाते में जाता दिखता है। इसलिए संतुलित ढंग से विभाग की उपलब्धियों को बताया जा रहा है। वहीं ज्यादा फोकस नए साल में होने वाले कार्यों पर किया जा रहा, जो वचनपत्र पर आधारित होंगे। किसान कर्जमाफी का रोडमैप बताने के साथ ही किसानों के लिए सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली नई योजनाओं पर भी इसमें जोर दिया गया है। विभागों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर तैयार इस अभिभाषण के प्रारुप को कैबिनेट की अगली बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही इसे राज्यपाल को भेजा जाएगा।
आनंदीबेन पटेल दूसरी बार देंगी अभिभाषण
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का मध्यप्रदेश विधानसभा में यह दूसरा अभिभाषण होगा। पिछली बार 26 फरवरी को बजट सत्र में उन्होंने शिवराज सिंह चौहान सरकार की ‘सबका साथ सबका विकासÓ वाली सोच के साथ किए जाने वाले कार्य गिनाए थे। इस बार वे पंद्रह साल बाद बनी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार का अभिभाषण पढ़ेंगी। जो ‘वक्त है बदलाव काÓ नारे के साथ आई है।


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