जिला योजना समितियां जल्द भंग करेंगे नाथ

प्रवीण शर्मा ॥ भोपाल
नई सरकार बनते ही प्रदेश भर की जिला योजना समितियां निशाने पर आ गई हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ जल्द ही इन समितियों को भंग करने जा रहे हैं। भाजपा नेताओं को घर बैठाने के साथ ही कांग्रेस के हारे हुए प्रत्याशियों को इन समितियों में एडजस्ट किया जाएगा।
असल में इसका सुझाव लोकसभा चुनावों की तैयारी एवं हार की समीक्षा के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में पराजित प्रत्याशियों की ओर से ही आया था। गंजबासौदा के पूर्व विधायक व इस चुनाव में हार गए निशंक जैन ने सुझाव दिया था कि पूर्व विधायकों व पराजित रहे प्रत्याशियों को जिला योजना समिति की कमान सौंपी जा सकती है। इससे सभी को क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिलेगा। साथ ही प्रशासन के कामकाज पर भी पार्टी की नजर रखी जा सकेगी। मुख्यमंत्री नाथ ने जैन के इस सुझाव की सराहना करते हुए जल्द ही इस दिशा में अमल करने का भरोसा दिलाया। फिलहाल जिला योजना समितियों पर भाजपा नेताओं का कब्जा है।
सूत्रों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर ही सभी जिला योजना समितियां भंग की जा सकती हैं। इसी तरह जिला स्तर की अन्य विभागीय समितियों में भी कांग्रेस के अधिकांश हारे हुए प्रत्याशियोंं को जगह दी जा सकती है। करीब एक दर्जन पराजित प्रत्याशियों के सुझावोंं पर नाथ ने सहमति जताते हुए संगठन में लागू करने पर सहमति जताई है। बैठक में सभी प्रत्याशियों से मुख्यमंत्री नाथ ने गुप्त रूप से लिखित शिकायतें और सुझाव भी लिये हैं। इन सभी की जांच कराई जाएगी। साथ ही चुनाव में पार्टी विरोधी कार्य करने वालोंं के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा जीते बगैर हमारा कुछ नहीं होगा : नाथ
बैठक में शिकवा-शिकायतों का दौर शुरू होते ही मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष नाथ ने पार्टी नेताओं को टोक दिया। उन्होंने कहाकि अब एक-दूसरे की छीछालेदारी करने से किसी का भला नहीं होगा। जो आपको हरा सकता है, मतलब वो भी शक्ति तो रखता ही है। हमें उस शक्ति का लोकसभा चुनाव जीतने में इस्तेमाल करना चाहिए। नाथ ने साफ पार्टी नेताओं को साफ संदेश दिया कि लोकसभा चुनाव जीते बगैर हमारा और पार्टी का भला नहीं होगा। हमें हर हाल में लोकसभा जीतना है। संगठन के विस्तार और मजबूती पर सभी लोग ध्यान दें। अगले तीन महीने तक एक-दूसरे की टांग खिंचाई पूरी तरह से भूल जाएं। हम लोगों ने इतनी बड़ी शक्ति से लड़ाई लड़ी है, जिसके पास अपार धनबल था। इसलिए कोई मायूस न हों और काम पर लग जाएं।


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