मंत्री के सामने झूठा साबित हुआ 24 घंटे बिजली का दावा

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
प्रदेश में 24 घंटे बिजली देने के पूर्व सरकार के दावों को बिजली कंपनियों के अधिकारी साबित नहीं कर पाए। पूर्व सरकार में बिजली अधिकारी भी 24 घंटे बिजली देने का दावा करते थे, लेकिन नई सरकार आने के बाद अधिकारी इस दावे को साबित नहीं कर पा रहे हैं। ऊर्जा विभाग का दायित्व मिलने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कल मंत्रालय में बिजली अधिकारियों के साथ पहली बैठक की थी। इस बैठक में मंत्री ने बिजली अधिकारियों से 24 घंटे बिजली सप्लाई की सच्चाई जानी। इस बैठक में बिजली कंपनियों के सीएमडी से लेकर मुख्य अभियंता स्तर तक के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में अफसरों से बिजली सप्लाई को लेकर बात हुई। जब 24 घंटे बिजली के दावे की सच्चाई पर बात हुई तो अफसरों ने आंकड़े पेश किए। तीनों वितरण कंपनियों के बिजली अधिकारियों में से कोईभी 24 घंटे के दावे को साबित नहीं कर पाया। सभी ने औसत 22 से 23 घंटे ही सप्लाई बताई। ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 22 घंटे ही सप्लाई की जानकारी दी। ऊर्जा विभाग और उसकी सभी कंपनियों द्वारा चुनाव से पहले 24 घंटे की सप्लाई के दावों के झूठा साबित होने के बाद मंत्री प्रियव्रत सिंह ने इसे अजीब स्थिति बताते हुए नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने अफसरों को साफ हिदायत दी कि जब बिजली सरप्लस है तो किसी भी हाल में बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। इसके बाद बिजली कंपनियों ने अफसरों को किसी भी हाल में सप्लाई बंद नहीं करने के निर्देश दिए हैं। रखरखाव का काम भी बेहद जरूरी होने पर ही कराने को कहा गया है। फिलहाल ठेकेदारों को भी काम करवाने के लिए शट डाउन नहीं देने को कहा गया है।


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