गरीबी की हकीकत जानने, गरीबों से पूछेगी सरकार- कितनी बार खाते हो खाना

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
प्रदेश में गरीबी के वास्तविक आंकड़े जुटाने के लिए मुख्यमंत्री कमल नाथ की सरकार प्रदेश के लोगों से पूछने जा रही है कि वे दिन में कितनी बार भोजन करते हैं। भोजन में क्या-क्या खाते हैं। इसके लिए राज्य सरकार एक सर्वे की तैयारी कर रही है। इस सर्वे के माध्यम से सरकार ऐसे लोगों का पता लगाना चाहती है जिन्हें दिन में केवल एक वक्त ही भोजन नसीब होता है। इस सर्वे के आधार पर सरकार यह जानना चाहती है कि प्रदेश में गरीबी का स्टेटस क्या है। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर आगे की योजनाएं तैयार की जाएंगी। गरीबी के उन्मूलन के लिए इन आंकड़ों के आधार पर योजनाएं बनाई जाएंगी। कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में गरीबी उन्मूलन का वचन दिया है, जिसे पूरा करने की कवायद के तौर पर इस पहल को देखा जा रहा है।
इस सर्वे में गरीबी के कारण एक बार खाना खाने वाले और जीवन स्तर में सुधार होने पर दो बार अच्छा खाना खाने वालों का पता लगाया जाएगा। इससे सरकार यह जानना चाहती है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर इनका क्या असर पड़ता है। सर्वे के लिए ऐसे ही कई सारे सवाल तैयार किए जा रहे हैं। यह काम राज्य के योजना एवं आर्थिक सांख्किीय विभाग को सौंपा गया है। विभाग राज्य योजना आयोग के माध्यम से इस सर्वे को कराने की तैयारी में है। इस काम में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान की भी मदद ली जा सकती है। सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव के बाद सरकार इस सर्वे को कराएगी। मुख्यमंत्री कमल नाथ के केंद्रीय मंत्री रहते हुए ऐसा ही एक सर्वे पूरे देश में कराया था, जिसे अब वे मप्र में दोहरा रहे हैं। गौरतलब है कि कमलनाथ अपने चुनावी वादों को पूरा करने में जुटे हुए हैं। किसान कर्जमाफी और रोजगार के लिए उठाये गए बड़े कदमों के बाद अब गरीबी उन्मूलन के लिए सरकार कदम उठाने जा रही है।
अब किसान को १० रुपये में भरपेट खाना देने की तैयारी
कर्जमाफी, पेंशन, न्यूनतम समर्थन मूल्य, बोनस राशि जैसी कई सौगातें देने के बाद अब कमल नाथ सरकार अनाज खरीदी केन्द्रों पर किसानों को रियायती दर पर खाना उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है, ताकि दूरदराज से आने वाले किसानों को खाने के लिए यहां-वहां न भटकना पड़े। पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने मंडियों में किसानों के लिए कैंटीन की व्यवस्था की थी। कमलनाथ सरकार एक कदम आगे बढ़कर अनाज खरीदी केन्द्रों पर यह व्यवस्था करने जा रही है।
१० से १२ लाख किसानों को मिलेगा लाभ
किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि वह मंडियों के बाद अब अनाज खरीदी केन्द्रों पर भी किसानों को दस रुपये में खाना उपलब्ध कराएगी। इससे खरीद केन्द्रों पर आने वाले तकरीबन १० से १२ लाख किसानों को लाभ मिलेगा। खाद्य विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है, लोकसभा चुनाव में इसका फायदा लेने के लिए इसे आचार संहिता से पहले लागू भी किया जा सकता है।
१० से ३० रुपए की होगी एक व्यक्तिकी थाली
सरकार इसके लिए कम से कम दर से खाने की थाली किसानो को मुहैया कराएगी। प्रति थाली के दाम १० से ३० रुपए के बीच होंगे। थाली की कीमत से उसकी लागत के बीच के अंतर की भरपाई केटर्स को सरकार करेगी। फसल बेचने वाले किसान के साथ आने वाले पांच से सात किसानों को भी इसी रियायती दर पर पोष्टिक और स्वादिष्ट खाना मुहैया कराया जाएगा।


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