रिटायरमेंट और वेतन वृद्धि न मिलने से टेंशन में होमगार्ड

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
होमगार्ड के नगर सैनिकों को आरक्षक का न्यूनतम वेतन का लाभ तो मिलने लगा, लेकिन अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह अभी साल में वेतन में तीन फीसदी वृद्धि का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार ने सभी विभागों के कर्मचारियों की शासकीय सेवा की आयु सीमा 62 साल कर दी है, लेकिन ये सैनिक अभी भी 60 साल में रिटायर हो रहे हैं। गृहमंत्री, डीजी जेल और प्रमुख सचिव, गृह की अनुशंसा के बाद भी इन सैनिकों की शासकीय सेवा की आयु सीमा 62 साल नहीं की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक होमगार्ड में कुल स्वीकृत बल 16305 है। हालांकि इसमें करीब दो हजार जवानों की कमी है। इन जवानों को कोर्ट के आदेश पर आरक्षक के न्यूनतम वेतन (डीए समेत) 20800 रुपए हर माह मानदेय मिल रहा है, लेकिन अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह हर साल वेतन का तीन फीसदी इन्क्रीमेंट (वेतन वृद्धि) का इन्हें लाभ नहीं मिल रहा है। गृहमंत्री बाला बच्चन ने पिछले माह इन सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने के संबंध में नोटशीट लिखी थी। इस पर तत्कालीन प्रमुख सचिव, गृह भी इसकी शासन से अनुशंसा कर चुके हैं। साथ ही पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह इन सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने के संबंध में मंत्री को अवगत कराया जाए। इससे पहले डीजी, जेल महान भारत सागर भी सैनिकों की आयु सीमा दो साल बढ़ाने के संबंध में 7 अप्रैल 2018 तथा 6 सितंबर 2018 को शासन को पत्र लिख चुके हैं। इधर सूत्रों का कहना है कि मंत्री, डीजी तथा पीएस, होम सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने के पक्ष में हैं, लेकिन होमगार्ड के विभागीय अधिकारी इसमें अड़ंगा लगा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के कारण ही सैनिकों को साल में तीन फीसदी वेतन वृद्धि का लाभ भी नहीं मिल रहा है। तीन फीसदी वेतन वृद्धि का लाभ मिलने से सैनिकों को हर साल करीब 600 रुपए का लाभ होगा।
2017 से न्यूनतम वेतनमान
होमगार्ड सैनिक आरक्षक के न्यूनतम वेतन के समान मानदेय देने के लिए न्यायालय गए थे। न्यायालय ने उनका तथा शासन का पक्ष सुनकर सैनिकों को आरक्षक के न्यूनतम वेतन के समान मानदेय देने के आदेश दिए थे। इसके बाद न्यूनतम वेतनमान 19500 तथा डीए की राशि मिलाकर सैनिकों को करीब 20800 मानदेय दिया जा रहा है। साल में डीए का लाभ दो बार मिलता है।
दस सैनिकों की आयु सीमा 62 साल
अन्य कर्मचारियों की तरह सेवाकाल 62 साल करने के संबंध में होमगार्ड के दस सैनिकों ने न्यायालयों में याचिकाएं दायर की थीं। कोर्ट के आदेश पर इनका सेवाकाल 62 साल कर दिया गया, जबकि अन्य सैनिक अभी भी 60 साल की आयु में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हालांकि एक सैनिक की आयु सीमा बढ़ाने की याचिका न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई, इसे शासन मोहरा बना रहा।
आईपीएस अफसर को करते हैं गुमराह
होमगार्ड डीजी तथा एसडीआरएफ के मुखिया आईपीएस अफसर (डीजी-एडीजी) होते हैं, लेकिन विभाग की कमान होमगार्ड के विभागीय अधिकारी डिवीजन कमांडेंट और जिला कमांडेंट के पास होती है। इस कारण विभागीय अधिकारी सैनिकों के कल्याण संबंधी मामलों में आईपीएस अफसरों को सही जानकारी


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