समझौता करने वाले किसानों को नो-ड्यूज नहीं देंगे बैंक

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
जय किसान फसल ऋण माफी योजना का लाभ लेने वाले किसान से अब बैंक जानेगा कि वह बकाया जमा करेंगे या फिर समझौता। यदि किसान समझौता करता है तो उसे बैंक द्वारा नो-ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा। बकाया जमा करने पर बैंक नो-ड्यूज सर्टिफिकेट देगा।
फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के लिए बैंकों ने यह प्रक्रिया तय की है। हालांकि यह व्यवस्था केवल एनपीए (डिफाल्टर किसान) खाता धारकों के लिए है। चालू खाता धारकों को बैंकों द्वारा नो-ड्यूज सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि जो खाते डिफाल्टर थे, उन खातों में शासन द्वारा 50 से 75 प्रतिशत ही ऋणमाफी का लाभ दिया जा रहा है। बाकी का पैसा समझौते के तहत बैंक को देना होगा। यदि बैंक उन खातों का पैसा माफ करता है तो बैंक द्वारा नो ड्यूज नहीं दिया जाएगा। बल्कि प्रमाण पत्र में बैंक द्वारा अदा की गई राशि का उल्लेख भी करेगा। इसके साथ ही किसान की सिविल रिपोर्ट में उसे डिफाल्टर दर्ज किया जाएगा। इससे किसान को बैंक से ऋण लेने में परेशानी आएगी। यदि शासन द्वारा अदा करने के बाद बकाया राशि किसान स्वयं अदा करता है तो बैंक उसे नो ड्यूज देगा।
सिबिल में दर्ज होगी स्थिति
बैंक अधिकारियों के अनुसार वन टाइम सॉल्यूशन के तहत समझौता तो हो गया, लेकिन जिन खातों में बैंक को भुगतान करना है वह किसान एनपीए (डिफाल्टर) की श्रेणी में रहेंगे। बैंक द्वारा ग्राहकों की तैयार की जाने वाली सिबिल रिपोर्ट में भी इसका जिक्र होगा। साथ ही ऐसे किसानों को नो-ड्यूज भी नहीं मिलेगा। उन्हें तब तक बैंक दोबारा ऋण नहीं देगी जब तक की स्थानीय बैंक शाखाओं को उनके क्षेत्रीय कार्यालयों से निर्देश प्राप्त नहीं होंगे।
शासन व बैंकों के बीच हुआ समझौता
मप्र सरकार व सहकारी तथा राष्ट्रीयकृत बैंक के बीच किसानों के ऋण माफी का समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत 25 से 50 प्रतिशत तक का भुगतान बैंकों को करना होगा। यह राशि स्थानीय ब्रांचों को मुख्य ब्रांच से जारी की जाएगी। जब तक राशि ब्रांच स्तर पर नहीं पहुंचती तब तक किसान के खाते में बैंक का पैसा दिखता रहेगा।
चालू खाता धारक को नो-ड्यूज सर्टिफिकेट
चालू खाता धारकों के 100 प्रतिशत ऋण का भुगतान शासन कर रही है। इन किसानों को बैंक प्रमाण पत्र के साथ नो ड्यूज का सर्टीफिकेट भी दे रही है जबकि एनपीए (डिफाल्टर) वाले किसानों को नो-ड्यूज नहीं दिया जा रहा है।


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