चुनाव आयोग ने रोका मित्रोंवायरस, अपना केंपेन बचाने कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

मुख्य प्रतिनिधि ॥ भोपाल
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया के लिए तैयार किए गए एड केंपेन को निर्वाचन आयोग ने आपत्तिजनक मानते हुए रोक दिया है। कांग्रेस ने अपने एड को मित्रोंवायरस तथा राफेल नाम दिया था। आयोग के इस कदम को कांग्रेस ने आपत्तिजनक माना है। साथ ही इसकी बहाली के लिए आयोग की राज्य स्तरीय कमेटी के सामने अपील करने की तैयारी कांग्रेस कर रही है। जानकारी के अनुसार कांगे्रस ने 13 मार्च को अपना एड केंपेन आयोग की अनुमति के लिए भेजा था। मित्रोंंवायरस के नाम से बनाए गए इस एड केंपेन में दिव्यांगों के साथ ही उनका इलाज करते हुए डॉक्टर दिखाए गए थे। आयोग ने विज्ञापन में दिखाए गए इंजेक्शन के आकार, उसके रंग और इलाज के तरीके को आपत्तिजनक माना है। आयोग की विज्ञापन प्रमाण समिति ने भी मंजूरी देने से मना कर दिया है। इसकी सूचना मिलने पर कांग्रेस की मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने मीडिया से चर्चा करते हुए अपने विज्ञापन पर रोक लगाने के फैसले पर आपत्ति जताई है। मीडिया को पूरा विज्ञापन दिखाते हुए श्रीमती ओझा ने कहाकि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे आपत्तिजनक माना जा सके। हम इसकी बहाली के लिए आयोग से दोबारा मांग करेंगे। मीडिया से चर्चा के बाद श्रीमती ओझा एक प्रतिनिधि मंडल के साथ चुनाव आयोग पहुंची।
कांग्रेस ने अपने एड केंपेन के समर्थन में दलील देते हुए इसे बहाल करने की मांग की है।


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