चुनाव बाद शिक्षा विभाग में होगा युक्तियुक्तकरण

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प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
शिक्षा विभाग अब उन शिक्षकों की खोज कर रहा है जो वर्षों से शहरी क्षेत्र में ही और एक ही शाला में अंगद के पैर की तरह जमे हुए हैं। ऐसे शिक्षकों को अब दूर और गांव की शाला में भी जाना होगा। शिक्षा विभाग शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की कवायद में जुटा है। लोकसभा चुनाव के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने बीते दिनों सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि प्रवेश और नामांकन और विभागीय प्रविष्ठी के लिए पोर्टल 25 अप्रैल तक ही खुला रहेगा। उसके बाद बंद कर दिया जाएगा। इसी आधार पर शिक्षकों और शालाओं के युक्तियुक्तकरण की कार्रवाई की जाएगी। एकीकृत विद्यालयों के नामांकन और प्रोफाइल अपडेशन की कार्रवाई फिलहाल ‘एक शाला एक परिसरÓ में संचालित विद्यालयों के पूर्व डाइस कोड से ही की जाएगी। पोर्टल पर स्कूल मर्जर की कार्रवाई प्रचलित बताई जा रही है। शिक्षा विभाग के द्वारा शालाओं की अनेक जानकारियां पूरी की जा रही है। यह जानकारी प्रविष्ठ कर एकीकृत शाला के यू-डाइस पर प्रदर्शित होने लगेगी। विभाग के द्वारा शासकीय विद्यालयों के शिक्षक की यूनिक आईडी पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी जानकारी शाला के शिक्षक द्वारा ही अपडेट की जाएगी।
प्राचार्य और प्रधान पाठक होंगे जिम्मेदार
जारी निर्देशों में कहा गया है कि जानकारियां समय सीमा में उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए शाला के प्राचार्य और प्रधान पाठक जिम्मेदार रहेंगे। प्राचार्य और प्रधानपाठकों के द्वारा शिक्षकों और शालाओं की पूरी जानकारी अपडेट की जा रही है।
दो वर्ष बाद होगी युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया
विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों सहित शालाओं में कम शिक्षकों की पूर्ति के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया दो वर्ष पूर्व की गई थी। तब यह प्रक्रिया विवादों के घेरे में रही थी। उसमें पक्षपात की शिकायतें हुई थी। उसके बाद शहरी शालाओं में वर्षों से जमे कुछ शिक्षकों को हटाया गया था।
चुनाव बाद होंगे तबादले
लोकसभा चुनाव के कारण अभी सभी विभागों की तरह शिक्षा विभाग में भी तबादले होंगे। उन शिक्षकों को भी इधर से उधर करने की कवायद है जो वर्षों से शहरी क्षेत्र से ग्रामीण शालाओं में जाने से बचते रहे हैं। अब उन्हें ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं में जाना होगा। यह तैयारी विभाग द्वारा युक्तियक्तकरण की प्रक्रिया के तहत की जाएगी।


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