प्रदेश में बिजली कटौती की हकीकत जानने फील्ड पर निकले अफसर

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
प्रदेश में बिजली कटौती की असल वजह को जानने और समझने के लिए ऊर्जा विभाग हर जिले में एक वरिष्ठ अधिकारी को भेज रहा है। यह अधिकारी जिले में बिजली की मांग, आपूर्ति, वितरण व्यवस्था, रखरखाव सहित सभी बिंदुओं पर जिले के अधिकारियों से चर्चा कर कटौती की वजह जानेंगे। ऊर्जा विभाग के निर्देश पर तीनों विद्युत वितरण कंपनियों ने अपने-अपने मुख्यालय से एक-एक अधिकारी को कंपनी के क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जिलों में भेजा है।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 11, मध्यक्षेत्र वितरण कंपनी ने 18 तथा पश्चिम क्षेत्र वितरण कंपनी ने 21 जिलों अफसर भेजे गए हैं। इन्हें मैदानी सच्चाई पता लगानी है। इन अफसरों केा फील्ड पर जाकर बिजली लाइन की कनेक्टिविटी को देखना है, समस्या की असल वजह पता लगानी है कि आखिर किस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसलिए शुरू हुई कवायद
चुनावी वक्त में बिजली की कटौती, ट्रिपिंग की समस्या को लेकर पूरे प्रदेश में जिस तरह से हल्ला मचा है, उसको लेकर प्रदेश सरकार सतर्क हो चुकी है। प्रदेशभर के वितरण कंपनियों से अफसरों की टीम हर जिले में भेजी जा रही है। इन अफसरों को ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। इन्हें इलाकों का दौरा कर समस्यों को चिन्हित करने को कहा गया है। दो दिन का वक्त अधिकारियों को निरीक्षण के लिए दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार उन क्षेत्रों में सुधार कार्य करवाएगी ताकि लोगों को परेशानी न हो।
चुनाव पर असर रोकने की कोशिश
बिजली प्रदेश सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। ऐसे में कंपनी बिजली व्यवस्था को जल्द बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि चुनावों पर इसका असर न हो।
वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ पेट्रोलिंग
अफसरों से साफ कहा गया है कि कागजी खानापूर्ति न हो। मैदानी स्तर पर काम करने के लिए हर अफसर को लाइनों की पेट्रोलिंग करने को कहा गया है। उन्हें पूरे निरीक्षण की वीडियोग्रॉफी करनी होगी जो सीधे मुख्यालय में बैठे अफसर देखेंगे। इसके अलावा फील्ड पर मिलने वाले उपभोक्ताओं से भी बिजली को लेकर फीडबैक लेना होगा।
ये खामियां आ रहीं सामने
अधिकांश जिलों में बिजली पोल बड़ी संख्या में टेड़े मिले। इंसुलेटर खराब हो चुके थे। आंधी चलने से इनमें फॉल्ट आने की संभावना थी। मैदानी स्तर पर लाइन की पेट्रोलिंग कर सुधार वाले इलाके नोटीफाई किए गए। कई जगह पेड़ों की छंटाई जरूरी थी, क्योंकि उनके नीचे से लाइन गुजर रही थी। इसके अलावा पोल की ऊंचाई बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई। बारिश या तूफान के वक्त ये पेड़ लाइन पर गिर सकते हैं। एक पोल डैमेज मिला। उपभोक्ताओं से भी फीडबैक लिया गया। इसमें उन्होंने बिजली व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। अधिकारी अब सब स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे।


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