दूसरे चरण में भी 70 प्रतिशत से अधिक मतदान की उम्मीद

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भेापाल
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, रीवा, सतना, होंशगाबाद और बैतूल में उत्साह से मतदान जारी है। सातों लोकसभा क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान की कतारें लगीं और दोपहर 12 बजे ही मतदान ने 30 प्रतिशत का आंकड़ा छू लिया। उम्मीद की जा रही है शाम छह बजे तक सातों सीटों पर मतदान का आंकड़ा 70 प्रतिशत से अधिक पहुंचेगा। होशंगाबाद और बैतूल लोकसभा सीट पर मतदान का प्रतिशत 75 प्रतिशत से अधिक पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने सुबह 10 बजे तक हुए मतदान की जानकारी देते हुए बताया कि मतदान शुरू होने से पहले सभी केन्द्रों पर मॉकपोल किया गया। मॉकपोल के दौरान 260 मतदान केन्द्रों में ईवीएम मशीन खराब हो जाने के कारण मशीनों को बदला गया। पूरे प्रदेश में मतदान शांति पूर्वक चल रहा है। इस दौरान किसी प्रकार की हिंसक घटनाएं नहीं हुईं।
दूसरे चरण के मतदान में यह है खास
> कुल सीटें – 7
> कुल कुल मतदान केन्द्र – 15 हजार 240
> दूसरे चरण में एक करोड़ 19 लाख 56 हजार 447 पंजीकृत मतदाता।
> इनमें 62 लाख 84 हजार 949 पुरूष, 56 लाख 52 हजार 441 महिला एवं 235 अन्य मतदाता।
> सातों सीटों पर कांग्रेस और भाजपा सहित 110 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
> इस चरण में कुल 454 मतदान केन्द्रों महिला मतदान कर्मीरहेंगी।
> 43 मतदान केन्द्र दिव्यांग मतदान कर्मियों द्वारा संचालित किये जाएंगे।
> मतदाताओं की सुविधा के लिये दूसरे चरण में 275 क्यूलैस मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
मप्र में सिर्फ 50 प्रतिशत तो नगालैंड में 90 प्रतिशत महिलाएं करती हैं मतदान
भोपाल। 21वीं सदी में भी महिलाएं वोट डालने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल रही हैं। मप्र में 50 फीसदी महिलाएं वोट डालने नहीं जातीं। 2004, 2009 में हुए आम चुनावों में प्रदेश में महिलाओं का वोट प्रतिशत 50 से भी कम रहा था। 2014 के चुनावों में महिलाओं का वोट प्रतिशत 56.55 फीसदी तक पहुंचा, जो आजादी के बाद से मप्र में अब तक का सबसे ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह स्थिति और भी चिंताजनक थी। इस वजह से महिलाओं का वोट प्रतिशत कम रहता था। महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों की बराबरी कर अपना परचम लहरा रही हैं लेकिन मतदान के मामले में अभी भी पीछे हैं। मतदान के मामले में नागालैंड की महिलाएं देश में सबसे आगे हैं। यहां की करीब 90 फीसदी महिलाएं वोट डालने जाती हैं। इसी वजह से पिछले तीन चुनावों में अधिक मतदान करने वाले राज्यों में नागालैंड देश में पहले स्थान पर रहता है।
वोट प्रतिशत गिरता है
50 फीसदी महिलाओं के वोट न डालने से प्रदेश का वोट प्रतिशत भी गिरता है। 2004 और 2014 के आम चुनावों में कम मतदान करने वाले राज्यों में मप्र का देश में पांचवां स्थान है। 2014 में महिलाओं का वोट प्रतिशत बड़ा है, लेकिन अभी संतोषजनक स्थिति तक नहीं पहुंचा है।


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