अब होमगार्ड सैनिक भी 62 साल की उम्र तक करेंगे नौकरी

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
होमगार्ड के सैनिक भी अब 62 साल की उम्र तक नौकरी कर सकेंगे। उनकी भविष्य निधि की राशि की भी कटौती होगी और साल में एक बार वेतन वृद्धि का भी लाभ मिलना तय है। होमगार्ड डीजी ने अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह इन सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने से लेकर पांच बिन्दुओं का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है, जिस पर सहमति बनना तय है। गृहमंत्री बाला बच्चन भी इस संबंध में सहमति दे चुके हैं। नगर सैनिकों को पुलिस आरक्षक का न्यूनतम वेतन का लाभ तो मिलने लगा, लेकिन अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह अभी साल में वेतन में तीन फीसदी वृद्धि का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार ने सभी विभागों के कर्मचारियों की शासकीय सेवा की आयु सीमा 62 साल कर दी है, लेकिन ये सैनिक अभी भी 60 साल में रिटायर हो रहे हैं। गृहमंत्री, डीजी जेल और प्रमुख सचिव, गृह की अनुशंसा के बाद भी इन सैनिकों की शासकीय सेवा की आयु सीमा 62 साल की जाना तय है। हालांकि इस पर आचार संहिता हटने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
डीजी होमगार्ड ने फिर भेजा प्रस्ताव
डीजी होमगार्ड महान भारत सागर ने अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में राज्य शासन को नगर सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने, उनकी ईपीएफ की राशि की कटौती, साल में एक बार वेतन का तीन फीसदी इन्क्रीमेंट देने, उनका वेतनमान पुलिस आरक्षक के समकक्ष करने तथा पुलिस आरक्षकों के समान टीए-डीए देने संबंधी पांच बिन्दुओं पर यह प्रस्ताव शासन को भेजा है। सूत्रों का कहना है कि नगर सैनिक पुलिस कर्मचारियों की तरह वीआईपी ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, ट्रैफिक, बंदियों की पेशी कराने से लेकर संतरी पहरा की ड््यूटी करते हैं। इस कारण उन्हें भी पुलिस आरक्षक के समान सुविधाएं मिलना चाहिए।
गृहमंत्री लिख चुके हैं नोटशीट
होमगार्ड में कुल स्वीकृत बल 16305 है। हालांकि इसमें करीब दो हजार जवानों की कमी है। कोर्ट के आदेश पर इन सैनिकों को आरक्षक के न्यूनतम वेतन 20800 रुपए हर माह मानदेय मिल रहा है। गृहमंत्री बाला बच्चन ने मार्च में इन सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने के संबंध में नोटशीट लिखी थी। तत्कालीन प्रमुख सचिव, गृह भी इसकी शासन से अनुशंसा कर चुके हैं। साथ ही पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह इन सैनिकों की आयु सीमा 62 साल करने के संबंध में मंत्री को अवगत कराया जाए। इससे पहले डीजी, सागर भी सैनिकों की आयु सीमा दो साल बढ़ाने के संबंध में 7 अप्रैल 2018 तथा 6 सितंबर 2018 को शासन को पत्र लिख चुके हैं। डीजी जेल द्वारा तीसरी बार शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव बाद राज्य शासन द्वारा इस पर मंथन किया जाएगा। हालांकि गृहमंत्री द्वारा इस मामले में किए जा रहे हस्तक्षेप से इन सैनिकों की आयु सीमा 62 करना तय है। तीन फीसदी वेतन वृद्धि का लाभ मिलने से सैनिकों को हर साल करीब 600 रुपए का लाभ होगा।
2017 से न्यूनतम वेतनमान
होमगार्ड सैनिक आरक्षक के न्यूनतम वेतन के समान मानदेय देने के लिए न्यायालय गए थे। न्यायालय ने उनका तथा शासन का पक्ष सुनकर सैनिकों को आरक्षक के न्यूनतम वेतन के समान मानदेय देने के आदेश दिए थे। इसके बाद 2017 से न्यूनतम वेतनमान 19500 तथा डीए की राशि मिलाकर सैनिकों को करीब 20800 मानदेय दिया जा रहा है। साल में डीए का लाभ दो बार मिलता है।
विभागीय अधिकारी लगाते हैं अड़ंगा
होमगार्ड डीजी तथा एसडीआरएफ के मुखिया आईपीएस अफसर (डीजी-एडीजी) होते हैं, लेकिन विभाग की कमान होमगार्ड के विभागीय अधिकारी डिवीजन कमांडेंट और जिला कमांडेंट के पास होती है। इस कारण विभागीय अधिकारी सैनिकों के कल्याण संबंधी मामलों में आईपीएस अफसरों को सही जानकारी नहीं देते, बल्कि उन्हें गुमराह करते रहते हंै। यह परंपरा बन गई है।


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