भार्गव के अति उत्साह से आलाकमान खफा

विशेष प्रतिनिधि ॥ भोपाल
एग्जिट पोल के आधार पर मध्यप्रदेश की कमल नाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट की चुनौती देने वाले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को नाराज कर दिया है। पार्टी आलाकमान का मानना है कि नेता प्रतिपक्ष को बयान जारी करने में इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी और ऐसा कुछ बोलने से पहले प्रदेश नेतृत्व को विश्वास में लेना चाहिए था। नतीजों से पहले एनडीए को मजबूत करने में जुटे भाजपाध्यक्ष अमित शाह तक प्रदेश के नेताओं ने भी इसकी शिकायत की है।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की मांग उठा कर नेता प्रतिपक्ष भार्गव अपनी पार्टी में ही अकेले पड़ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित किसी भी नेता ने उनका साथ नहीं दिया। सूत्रों की मानें तो पहले से भाजपा विधायक दल के नेता के तौर पर भार्गव को स्वीकार न करने वाले नेताओं को इससे उनके खिलाफ पार्टी के भीतर ही मोर्चा खोलने का कारण मिल गया है। इसे भाजपा में दोफाड़ के तौर पर भी देखा जा रहा है। विधानसभा में कांग्रेस का अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं होने पर भी अन्य दलों के समर्थन से सरकार चला रहे कमल नाथ और उनके मंत्रियों द्वारा नेता प्रतिपक्ष के बयान पर दी गई तीखी प्रतिक्रिया को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गंभीरता से लिया है। सूत्रों के अनुसार शाह ने नेता प्रतिपक्ष को इस मामले में बयानबाजी से बचने की सलाह दी है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आलाकमान से नेता प्रतिपक्ष द्वारा एग्जिट पोल ने नतीजों के आधार पर ही बहुमत साबित करने की चुनौती पर ऐतराज जताया है। वहीं प्रदेश भाजपा के कई और नेता भी इससे खुश नहीं हैं। यही वजह रही कि नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को जो चि_ी लिखी है उसमें उन्होंने फ्लोर टेस्ट का जिक्र तक नहीं किया। इसकी जगह तात्कालिक महत्व के विषयों पर चर्चा की आवश्यकता बताते हुए विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। भाजपा में ही उनकी इस मांग को लेकर असहमति है।
पार्टी के कई पूर्व मंत्री और नेता मानते हैं कि आगामी बजट सत्र में विपक्ष को अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरा अवसर मिलेगा, इसलिए विशेष सत्र की मांग औचित्यहीन है। वहीं भार्गव की चुनौती से कांग्रेस को उससे नाराज चल रहे अन्य दलों के विधायकों को मनाने और अपने विधायकों को संभालने का अवसर मिल गया है। आलाकमान के रूख को देख कर जब-तब कांग्रेस सरकार को गिराने की बात कहने वाले भाजपा नेताओं ने इस मामले में फिलहाल चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर कांग्रेस मुखर हो गई है।


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