मध्य प्रदेशः भोपाल और इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी, शहर में 4 सालों के अंदर दौड़ सकती है मेट्रो

मेट्रोपॉलिटन रीजन अथॉरिटी बन जाएगी तो भोपाल-इंदौर में मेट्रोपॉलिटन एक्ट लागू हो जाएगा. अथॉरिटी में राज्य सरकार प्रभावी होगी, लिहाजा अर्बन ट्रांसपोर्ट के साथ मेट्रो रेल का काम करना आसान हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने तीन जून को कैबिनेट की बैठक बुलाई है, इसमें प्रमुख रूप से मेट्रो रेल प्रोजेक्ट लाया जा रहा है.

कैबिनेट से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन साइन करेगी (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश की मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर और राजधानी भोपाल में लंबे समय से मेट्रो का इंतजार कर रहे लोगों का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है. मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल और इंदौर में चार साल के अंदर मेट्रो दौड़ती नजर आ सकती है. मेट्रोपॉलिटन एरिया विकसित करने की दिशा में कमलनाथ सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं. जिसके अंतर्गत छह माह में दोनों जगह मेट्रोपॉलिटन रीजन अथॉरिटी का गठन कियाजाएगा. जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री और सीईओ सीनियर अधिकारी होंगे.

भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन अथॉरिटी (बीएमआरए) में भोपाल, सीहोर, औबेदुल्लागंज रहेंगे, जबकि इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन अथॉरिटी (आईएमआरए) में देवास, उज्जैन व महू होंगे. शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में इसके सभी पहलुओं पर अधिकारियो से बात की.  अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मेट्रो रेल के लिए मेट्रोपॉलिटन एरिया जरूरी होगा. अथॉरिटी बनने के बाद स्थानीय निकाय अपना काम करेंगे और अथॉरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के लिए काम करेगी.

इंटर सिटी कनेक्टिविटी पर भी अथॉरिटी का जोर रहेगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में यातायात का भार कम करने के लिए मास्टर प्लान बनाते समय उसके एक्सटेंशन की संभावना को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए.  इसके आधार पर शहरों के चारों ओर रिंग रोड की योजना आवश्यक रूप से बनाई जाए ताकि आने वाले समय में शहरों के अंदर यातायात का भार न पड़े. कमलनाथ ने स्मार्ट सिटी को लेकर कहा कि राज्य स्तरीय मिनी स्मार्ट सिटी नीति भी तैयार की जाए और इसमें दी जाने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जिक्र हो.

बैठक में नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह भी मौजूद रहे. राज्य सरकार अब मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की तरफ ही बढ़ रही है. अभी राज्य के फंड से मेट्रो रेल का काम हो रहा है. मेट्रोपॉलिटन रीजन अथॉरिटी बन जाएगी तो भोपाल-इंदौर में मेट्रोपॉलिटन एक्ट लागू हो जाएगा. अथॉरिटी में राज्य सरकार प्रभावी होगी, लिहाजा अर्बन ट्रांसपोर्ट के साथ मेट्रो रेल का काम करना आसान हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने तीन जून को कैबिनेट की बैठक बुलाई है, इसमें प्रमुख रूप से मेट्रो रेल प्रोजेक्ट लाया जा रहा है.

राज्य सरकार की ओर से बनाई गई मेट्रो रेल कंपनी में अभी राज्य के अधिकारी पदस्थ हैं. कैबिनेट से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन साइन करेगी. इससे कंपनी में संयुक्त रूप से राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल हो जाएंगे और अतिरिक्त फंड मेट्रो रेल के लिए मिलना शुरू हो जाएगा.


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