मासूम से बलात्कार ॥ फिर भोपाल शर्मसार 9 साल की बच्ची से ज्यादती कर वहशी आरोपी ने की हत्या और शव नाले में फेंका

भोपाल। अलीगढ़ और उज्जैन के बाद भोपाल में भी इंसानियत को शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है। नौ साल की मासूम को घर के पास से ही अगवा कर लिया गया। रात में बलात्कार व कुकर्म करने के बाद उसकी लाश को उसके घर के पास ही फेंक दिया गया। पुलिस को रात में उसके लापता होने की सूचना दे दी गई थी लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद भी नहीं चेती। सुबह बच्ची की लाश देखकर लोग आक्रोशित हो गए। भीड़ ने पुलिस की इस लापरवाही के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। बलात्कार व हत्या की घटना हो जाने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों की नींद टूटी और वे सुबह से ही नेहरू नगर की ओर भागने लगे। बड़े अफसरों की लापरवाही पर पर्दा डालते हुए एक एएसआई सहित 7 को निलंबित किया गया है।

रात ग्यारह बजे बच्ची के लापता हो जाने की बात पता चल जाने के बाद भी उसकी तलाश में लापरवाही बरते वाले 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एएसआई देव सिंह, हवलदार नरेन्द्र और जगदीश तथा चार सिपाही ब्रिजेन्द्र, रूप सिंह, प्रह्लाद व वीरेन्द्र सिंह को सस्पेंड किया गया है। बच्ची के लापता हो जाने के बाद से ही सीएसपी उमेश तिवारी तो उसकी तलाश में जुटे हुए थे लेकिन बीट में काम करने वाले पुलिसकर्मियों ने समय अपना काम नहीं किया। पुलिसकर्मियों का इस बस्ती में कोई ऐसा मुखबिर भी नहीं था जिससे घटना के तुरंत बाद कोई सुराग मिल सके। इसके अलावा बच्च्ी के अगवा होने की रिपोर्ट लिखने में भी देरी की गई। थाने के स्टाफ ने आला अधिकारियों को भी समय पर सूचना नहीं दी।

रेप के बाद गला घोंटा
पुलिस ने जब शव बरामद किया तो पूरे शरीर पर कपड़े थे। शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। कमर के नीचे के हिस्से में कपड़े खून से सने हुए थे। एएसपी अखिल पटेल ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह बात सामने आई है कि बच्ची का रेप करने के बाद उसकी हत्या की गई है। शरीर पर धारदार हथियार के निशान तो नहीं लेकिन उसके गले पर निशान जरूर मिले हैं। दुष्कृत्य व कुकृत्य करने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या की गई है।
आरोपी की पहचान हुई
गृहमंत्री बाला बच्च्न ने घटना के संबंध में मीडिया को बताया कि रेप व हत्या के आरोपी की पहचान कर ली गई है। वह पड़ोस में ही किराए के मकान में रहता था। थोड़े समय पहले ही वह यहां पर रहने के लिए आया था। उसके खिलाफ सभी साक्ष्य जुटा लिए गए हैें। घटना को अंजाम देने के बाद से वह अपने घर से फरार है। उसकी लोकेशन मक्सी-उज्जैन के पास मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें रवाना की गई हैं। इस पूरे मामले की जांच के लिए पुलिस की 20 टीमें बनाई गई हैं। आरोपी का नाम विष्णु बताया जा रहा है लेकिन पुलिस ने अभी इस नाम की पुष्टि नहीं की है। इधर बस्ती से दो महिलाओं समेत पांच लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया है।

दादी के लिए गुटखा लेने गई थी मासूम
आठ साल की मासूम रात सवा आठ बजे अपनी दादी के लिए गुटखा लेने किराने की दुकान पर गई थी। किराने की दुकान से लौटते वक्त उसे घर के पास ही अगवा कर लिया गया। पुलिस का अनुमान है कि पड़ोस में रहने वाले आरोपी ने उसे किसी बहाने से अपने घर बुला लिया होगा। मासूम के पिता मजदूरी करते हैं। पांच बहनों में वह चौथे नंबर की लड़की थी। वह दूसरी कक्षा की छात्रा थी।
जांच के लिए आईजी ने संभाला मोर्चा
सुबह जब इस घटना के बारे में पता चला तो पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। आईजी योगेश देशमुख ने खुद मोर्चा संभाला तथा घटनास्थल से लेकर हमीदिया अस्पताल के मर्चुरी रूम तक जाकर जांच के हर पहलू की मॉनीटरिंग की। आईजी के साथ डीआईजी इरशाद वली भी सुबह 6 बजे से ही घटना की जांच में जुट गए। एक दर्जन दर्जन से ज्यादा थाना प्रभारी, तीन सीएसपी समेत भारी संख्या में बल तैनात कर दिया गया।


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