बिजली के बाद पानी पर सीएम का फोकस

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
प्रदेश में अघोषित कटौती की स्थिति पर नियंत्रण के बाद मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पेयजल आपूर्ति पर फोकस किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत को लेकर आ रही शिकायतों के बाद सीएम ने पीएचई अफसरों से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जल की उपलब्धता से ज्यादा प्रबंधन की दिक्कत है। प्रबंधन की व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है। उन्होंने पीएचई अफसरों से राज्य सरकार द्वारा की गई ‘जल के अधिकारÓ की पहल पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आवश्यक है, वहां पेयजल का परिवहन किया जा रह है। इसके लिए सभी जिलों को राशि आवंटित की जा चुकी है। बैठक में मुख्य सचिव एसआर मोहंती के अलावा पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे और विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजदू थे।
पीएचई के बाद मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग की समीक्षा की। बैठक में पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव और विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने वचन-पत्र के मुताबिक गौ-शालाओं के निर्माण की प्रगति की जानकारी। विभागीय अधिकारियों ने बैठक बजट में गौ-शालाओं के निर्माण के लिए बजट प्रावधान किया गया है।
सीएम से मिले यूनिसेफ के प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री कमलनाथ से आज यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में यूनिसेफ द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कामोंं की जानकारी दी।


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