हड़ताल खत्म कराई, प्रेक्टिस करने की मांगी छूट

मुख्य प्रतिनिधि ॥ भोपाल
हड़ताल कर रहे प्रदेश भर के फिजियोथैरेपिस्ट की मांगों का पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय ङ्क्षसह ने समर्थन किया है। साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर अन्य राज्योंं के समान प्रदेश में भी फिजियोथैरेपी काउंसिल का गठन करने की मांग की है। श्री सिंह ने फिजियोथैरेपिस्ट को नाम के आगे डॉक्टर लिखने और प्रेक्टिस करने की अनुमति देने की मांग को भी जायज माना है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री ङ्क्षसह आज शाहजहांनी पार्क में हड़ताल पर बैठे फिजियोथैरेपिस्ट के बीच पहुंचे। प्रदर्शनकारियों से चर्चा के बाद श्री सिंह ने संगठन की अधिकांश मांगों को जायज माना। साथ ही हड़ताल खत्म कराते हुए संगठन की मांगों को पूरा कराने का वादा भी किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नाथ को पत्र लिखकर इन फिजियोथैरेपिस्ट की मांगों के संबंध में जानकारी दी। श्री ङ्क्षसह ने पत्र में लिखा है कि फिजियोथैरेपी की अलग से काउंसिल न होने के कारण फिलहाल इनका पंजीयन पैरामेडिकल काउंसिल में किया जाता है। इसी के नियम के तहत पैरामेडिकल काउंसिल (शेष पेज 5 पर)
द्वारा 28 जून 2019 को आदेश जारी कर नाम के आगे डॉक्टर लिखने एवं स्वतंत्र प्रेक्टिस पर रोक लगाई गई है। जबकि छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात सहित अनेक राज्योंं में स्वतंत्र फिजियोथैरेपी काउंसिल कार्य कर रही है। वहां फिजियोथैरेपिस्ट को डॉक्टर लिखने व प्रेक्टिस की भी अनुमति है। प्रदेश में इन पर पैरामेडिकल काउंसिल के नियम ही लागू होते हैं, जो प्रथम दृष्टया अनुचित और दोषपूर्ण हैं। श्री ङ्क्षसह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य में फिजियोथैरेपिस्ट को सम्मान जनक कार्य करने का मौका देने के लिए प्रदेश में भी अलग फिजियोथैरेपी काउंसिल का गठन के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएं।


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