भोपाल में बनी है एशिया की सबसे छोटी मस्जिद

भोपाल की ढाई सीढ़ी मस्जिद को देश की सबसे छोटी और भोपाल की सबसे पहली मस्जिद होने का दर्जा हासिल है। इसके अलावा इसे एशिया की सबसे छोटी मस्जिद भी कहा जाता है। ये मस्जिद नवाब दोस्त मोहम्मद खान द्वारा 1716 में बनवाई गई थी। इस मस्जिद के नामकरण की अपनी एक कहानी है। इसके निर्माण के वक्त हर चीज यहां ढाई बनाई गई हैं। सीढिय़ां ढाई हैं, जिस जगह यह मस्जिद स्थित है, वहां कमरों की संख्या भी ढाई है। इसके अलावा पहले जिस रास्ते से यहां आया जाता था, वहां भी सीढिय़ों की संख्या ढाई ही है।
तीन सौ साल पुरानी है मस्जिद
इस मस्जिद का इतिहास तीन सौ साल पुराना है। पुराने शहर में बड़े तालाब किनारे स्थित फतेहगढ़ स्थित की दीवारों पर चौकसी के लिये बने गुंबद पर बनी इस मस्जिद में पहरेदार नमाज अदा किया करते थे। फतेहगढ़ किले में पहले पहरा देने वाले सैनिक नमाज अदा किया करते थे। कहा जाता है कि जब अफगानिस्तान के तराह शहर से नूर मोहम्मद खान और उनके साहबजादे दोस्त मोहम्मद खान भारत आए। बाद के समय में दोस्त मोहम्मद खान ने इस जगह पर फतेहगढ़ किले का निर्माण कराया। इस किले की नींव का पत्थर काजीमोहम्मद मोअज्जम साहब ने रखा था। किले की पश्चिमी दिशा में स्थित बुर्ज को मस्जिद की शक्ल दी गई थी।


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