सिख समाज देश की आन, बान और शान : सीएम

मुख्य संवाददाता ॥ भोपाल
सिख समाज के पहले गुरू गुरुनानक देवजी का 550 वां प्रकाश पर्व पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक स्वरूप में मनाया जाएगा। गुरुनानक देव की स्मृति से जुड़े स्थलों को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गुरुनानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाने के लिए सिख समाज के लोगों के साथ आयोजित बैठक में कही। मुख्यमंत्री ने कहाकि दुनिया में जहां भी गया, वहां सिख समाज का व्यक्ति जरूर मिला। यह गर्व की बात है और गिनिज बुक वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए।
गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इसके आयोजन को भव्य रूप देने के लिए सिख समाज के प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहाकि 550वें प्रकाश पर्व मनाने के लिए सरकार राज्य स्तरीय समिति गठित करेगी जो प्रदेश में यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और सुझावों के अनुरूप रूपरेखा तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रकाश पर्व धूमधाम से उत्साह के साथ सभी वर्गों के साथ मनाया जाए। इसके लिए जल्द ही एक राज्यस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
इस समिति में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभी लोगों के सुझावों के आधार पर प्रकाश पर्व की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल सिख समाज के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आन.बान और शान का अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख एक बहादुर और स्वाभिमानी कौम है। मानवता की रक्षा के लिए हमारे सिख गुरुओं ने जो बलिदान दिया है वह हमेशा इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
पहली बार किसी सीएम ने सिख समाज से चर्चा की
बैठक में पूरे प्रदेश से आए सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए। केन्द्रीय गुरुसिंह सभा मध्यप्रदेश.छत्तीसगढ़ के महासचिव सुरजीत सिंह टुटेजा ने सिख समाज की ओर से गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को यादगार बनाने के लिए सुझाव पत्र का वाचन दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पहलीबार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने गुरुनानक देव से जुड़े स्थलों को धार्मिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। भोपाल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान परमवीर सिंह वजीर ने प्रकाश पर्व के अवसर पर शैक्षणिक संग्रहालय एवंगुरुनानक के नाम पर पुरस्कार घोषित करने का सुझाव दिया। इन्दौर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के जसवीर सिंह गांधी, मंजीत सिंह भाटिया, उज्जैन के सुरेन्द्र सिंह अरोरा, जबलपुर के नरेन्द्र सिंह पंडे, देवास के गुरुचरण सिंह सलूजा के अलावा इटारसी, पिपरिया, होशंगाबाद के प्रतिनिधियों ने भी गुरुनानक देव के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजक एवं मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को यादगार बनाया जाए। इसी उद्देश्य से यह समाज के लोगों को चर्चा के लिए बुलाया गया है।


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