इमरान के भाषण की धज्जियां उड़ा देने वालीं युवा राजनयिक विदिशा मैत्रा को चुनने की यह थी वजह

न्यूयॉर्क: यूएन में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देकर चर्चा में आई विदिशा मैत्रा की चर्चा हर तरफ है. उन्होंने एक-एक कर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के आरोपों की धज्जियां उड़ा कर रख दीं. भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के एक युवा डिप्लोमेट को चुना और वह उम्मीदों पर खरी उतरीं. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने इस वजह का खुलासा किया है कि क्यों भारत ने एक युवा राजनयिक को इस अहम जिम्मेदारी के लिए चुना.

अकबरुद्दीन ने कहा कि हमने एक युवा राजनयिक को चुना क्योंकि हम चाहते थे कि भारत के जवाब में न्यू इंडिया की झलक मिले. उन्होंने कहा कि हम हमेशा महसूस करते हैं कि युवा राजनयिक आत्मविश्वास से भरे होते हैं, जो एक नए भारत को दर्शाते हैं, जो भारत की स्थिति को स्पष्ट करने की क्षमता रखते हैं. वह उर्जा से भरे होते हैं और उन मुद्दों की गहरी समझ रखते हैं जो कि अपने प्रकृति में ऐतिहासिक होते हैं. यह हमारी परंपरा है कि भारत का पक्ष रखने के लिए एक उर्जावान, आत्मविश्वास से भरे युवा राजनयिक को चुना जाए.

कुछ मिनटों में ही विदिशा मैत्रा ने उड़ा दी इमरान के भाषण की धज्जियां
बता दें भारत ने यूएन में शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के कश्मीर पर दिए नफरत भरे भाषण के बाद पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया था.

-इमरान के नफरत भरे संबोधन के खिलाफ कड़ा रुख दर्शाते हुए विदेश मंत्रालय की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने उनके भाषण पर भारत के जवाब देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कहा, ‘शायद ही कभी महासभा ने इस मंच पर अपनी बात रखने के अवसर का इस तरह से दुरुपयोग होते देखा है, बल्कि अवसर का दुष्प्रयोग होते देखा है.’

-उन्होंने कहा कि भारत पर हमला करने के लिए उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया जैसे ‘तबाही’ ‘खून-खराबा’ ‘नस्लीय श्रेष्ठता’, ‘बंदूक उठाना’ और ‘अंत तक लड़ना’, एक मध्ययुगीन मानसिकता को दर्शाता है न कि 21वीं सदी के दृष्टिकोण को.

-विदिशा मैत्रा ने कहा, ‘एक पुराने और अस्थायी प्रावधान – अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर जो भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर के विकास और एकीकरण में बाधा था, उस पर पाकिस्तान की नफरत भरी प्रतिक्रिया इस तथ्य की उपज है कि जो लोग लड़ाई में यकीन करते हैं वे कभी भी शांति की किरण का स्वागत नहीं करते.’

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान जब आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और नफरत फैलाने वाला भाषण दे रहा है, ऐसे समय में भारत जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा के विकास के साथ आगे बढ़ रहा है.’

-विदिशा मैत्रा ने आगे कहा, ‘भारत के लोगों को अपनी ओर से बोलने के लिए किसी और की जरूरत नहीं है खासकर उन लोगों की बिल्कुल जरूरत नहीं है जिन्होंने नफरत की विचारधारा पर आतंक का उद्योग खड़ा किया है.’


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