एसआईटी में अब नहीं होगा बदलाव महिलाओं से एसआईटी चीफ ने की लंबी पूछताछ

प्रशासनिक संवाददाता ॥ इंदौर
दिल्ली के पास गाजियाबाद में डीजीपी की बगैर अनुमति के साइबर सेल द्वारा एक फ्लैट किराए पर लेने का मामला सामने आने के बाद डीजीपी और स्पेशल डीजी के बीच बयानों को लेकर चल रहा विवाद का सरकार शीघ्र ही समाधान करने वाली है। इधर एसआईटी में अफसरों का बदलाव नहीं किया जाएगा। इस बीच हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार पांचों महिलाओं से कल भोपाल में पूछताछ के बाद एसआईटी को महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं, जिनको इन्वेस्टिगेशन में शामिल किया गया है। उन्हें एसआईटी की टीम छतरपुर लेकर गई है। वहां से सागर लाया जाएगा।
एसआईटी इंदौर की टीम शनिवार शाम पुलिस रिमांड पर ली गई आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा सोनी को लेकर भोपाल आई। इनसे एसआईटी प्रभारी संजीव शमी ने गहन पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में इन महिलाओं से नेता तथा अफसरों से संबंध उन्हें शासन की योजनाओं से आर्थिक लाभ पहुंचाने, ब्लैकमेलिंग से लेकर कब से वे इस हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट से जुड़ी है, इस संबंध में जानकारी ली गई। सूत्रों के मुताबिक रैकेट में शामिल अन्य शहरों से यहां पढ़ाई करने आने वाली हॉस्टलों में रहने वाली युवतियों के संबंध में भी पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरती, श्वेता स्वप्निल तथा श्वेता विजय जैन के मोबाइल की कॉल डिटेल के बारे में बताया गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। सूत्रों के मुताबिक एसीएस पीसी मीना का मामला सामने आने के बाद से इंटेलिजेंस इस रैकेट के हर गतिविधि पर नजर रखे थी। उनके किन नेताओं, आईएएस, आईपीएस अफसरों तथा व्यापारियों से मोबाइल फोन पर होने वाली बातचीत रिकॉर्ड की जा रही थी। हालांकि हालिया अफसरों का विवाद सामने आने के बाद हनीट्रैप मामले को लेकर अफसरों ने चुप्पी साध ली है।


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