हैंडपम्प से पानी भरने पर रेंजर ने मार दी गोली, दलित की मौत

दीपक अग्रवाल/ शिवपुरी: करैरा में रविवार को रेंजर की गोली लगने से दलित युवक की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में पहुंचे एसडीएम और एडीशनल एसपी के सामने परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की. साथ ही अभ्यारण अधीक्षक पर भी कार्रवाई करने की मांग की. पुलिस से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बंदूक लाइसेंस भी मांग. पुलिस अधिकारियों के जाने के बाद अंतिम संस्कार किया गया.

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में वन सुरक्षाकर्मी पर एक दलित शख्स को गोली मारने का आरोप लगा है. गोली लगने से उस दलित शख्स की मौत हो गई. बताया गया कि इस शख्स ने अपनी बेटी और वन सुरक्षाकर्मी के बीच हुई झड़प पर बीच-बचाव करने की कोशिश की थी, जो कि हैंडपम्प से पानी भर रही थी. घटना रविवार को शिवपुरी जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर स्थित फतेहपुर गांव में हुई. मृतक की पहचान मदन बाल्मिकि के तौर पर हुई है. पूरे मामले पर मदन की पत्नी सरोज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

मृतक की पत्नि ने दिया बयान
पुलिस को दिए बयान में मृतक की पत्नी ने बताया, ”हमारी बेटी फतेहपुर फॉरेस्ट चेकपोस्ट के पास हैंडपम्प से पानी भर रही थी और बर्तन साफ कर रही थी, तभी फॉरेस्ट रेंजर सुरेश शर्मा ने उसे जातिसूचक शब्द कहे और उसे गालियां भी दीं. जब बेटी ने ऐसा करने से मना किया, तो एक महिला अधिकारी ने उसे बालों से खींचना शुरू कर दिया. मेरे पति वहीं से 100 मीटर की दूरी पर काम कर रहे थे. वो बेटी को बचाने के लिए आगे आए तो उन्हें गोली मार दी गई.” इतना ही नहीं परिजनों ने प्रशासन से बंदूक का लाइसेंस और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की है.

वन विभाग कर रहा लीपापोती
इस मामले में और भी बहुत सारे एंगल सामने आने से संदेह और भी गहरा जाता है, कि वन विभाग के रेंजर्स और गांव वालों के बीच अतिक्रमण से तल्खी लंबे समय से है. वन विभाग का दावा है, कि गांववालों ने फॉरेस्ट गार्ड की बंदूक छीनने की कोशिश की. यह गार्ड उस अतिक्रमण विरोधी टीम में शामिल था जिसे रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर भेजा गया था. घटना के बाद रविवार शाम को गांव वालों ने करेरा पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद आईपीसी की धारा 302 के तहत सुरेश शर्मा समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. वन विभाग ने इस प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं. प्रशासन ने पीड़ित के परिजनों 5000 नकद और 2 लाख का चेक दिया है.

दलितों की हालत पर अफसोस
बीजेपी ने इस घटना के लिए कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता विश्वास सारंग के मुताबिक मध्य प्रदेश में दलितों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. सारंग ने कहा, ”हाल में सागर में एक दलित युवक को ज़िंदा जला दिया गया. और अब हैंडपम्प से पानी लेने पर विवाद को लेकर वन अधिकारियों ने एक शख्स की गोली मार कर हत्या कर दी. यह दलितों की पीड़ा और राज्य सरकार के उनके प्रति रवैये को दर्शाता है.” बीजेपी ने मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र में दलितों के उत्पीड़न को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की बात भी कही है.


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