ट्रंप का न्योता, भारत को मिलेगा विकसित देशों के समूह G7 में शामिल होने का मौका

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, दुनिया में भारत की पहचान ही बदल गई है. अब भारत की बात पूरी दुनिया सुनती है. बिना किसी से युद्ध किए भारत ने ये साबित कर दिखाया है कि कैसे दुनिया जीती जाती है और ये सबकुछ हुआ है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण. भारत की बढ़ती ताकत को देखते हुए दुनिया के ताकतवर मुल्कों के समूह में भारत को शामिल करने की तैयारी चल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, दुनिया के सबसे बड़ी आर्थिक ताकत वाले ग्रुप में अब भारत को भी शामिल करना चाहते हैं. दुनिया ने मान लिया है कि अब ‘सुपरपावर’ भारत का जमाना है.

अब भारत को देखने का नजरिया दुनिया ने बदला लिया है. अब भारत की बात पूरी दुनिया सुनती है. अब बड़े और ताकतवर मुल्क भारत को सुपरपावर की कतार में खड़ा मानते हैं. ये सब संभव हुआ है वर्ल्ड लीडर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से. बीते 6 साल में भारत दुनिया के सुपरपावर देशों की कतार में खड़ा हो गया है. दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मोदी की दोस्ती भी दुनिया देख चुकी है.

भारत की बढ़ती ताकत के कारण अब डोनाल्ड ट्रंप इंडिया को विकसित देशों के समूह G7 में शामिल करना चाहते हैं. जी-7 दुनिया की सबसे बड़ी और संपन्न अर्थव्यवस्थाओं वाले सात देशों का मंच है. इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा शामिल हैं. इन देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा के मुद्दों पर हर साल बैठक करते हैं. 10 से 12 जून के बीच जी 7 समूह की वर्चुअल बैठक होने वाली थी, लेकिन ट्रंप ने आखिरी वक्त पर इस बैठक को सितंबर तक के लिए टाल दिया है.

ट्रंप ने ऐलान किया है कि सितंबर में होने वाली बैठक से पहले G7 ग्रुप में भारत को भी आमंत्रित किया जाएगा. अभी तक जी 7 समूह में एशिया से सिर्फ जापान शामिल था, लेकिन जल्द ही इसमें भारत की भी एंट्री हो जाएगी. ट्रंप ने जी 7 समूह में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया को भी बैठक में आमंत्रित करने का ऐलान किया है.

चीन को घेऱने के लिए अमेरिका की गुटबंदी पूरी दुनिया चीन को कोरोना का गुनहगार मानती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कोरोना के लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं.
यहां तक कि वो चीन के खिलाफ जांच भी करवा रहे हैं. कोरोना पर चीन को सबक सिखाने के लिए ट्रंप रणनीति बना रहे हैं. इसी रणनीति का हिस्सा है G7 देशों का समूह. इसके लिए ट्रंप को भारत की सख्त जरूरत है. ट्रंप जानते हैं कि मोदी की कूटनीति के दम से ही एशिया में चीन को घेरा जा सकता है.

अमेरिका, भारत की बढ़ती ताकत को अच्छी तरह से समझ चुका है. इसलिए अमेरिका ने भारत को ऐसे हथियार दिए हैं जो वह जल्दी किसी दूसरे देश को नहीं देता. बीते 3-4 साल में अमेरिका ने भारत के साथ सैन्य युद्ध अभ्यास को भी बढ़ावा दिया है. अमेरिका हो या इजरायल…दुनिया ने माना है कि अब ‘सुपरपावर’ भारत का जमाना है.


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