कांग्रेस को ज्योतिरादित्य सिंधिया को CM पद का उम्मीदवार बनाना चाहिए : हार्दिक पटेल

(फाइल फोटो)

मंदसौर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  को शुक्रवार को हार्दिक पटेल की ओर से अनपेक्षित समर्थन मिला. गुजरात के पाटीदार आंदोलन के नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए.

मंदसौर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आये हार्दिक ने एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि कांग्रेस मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाती है तो हम इसका विरोध नहीं करेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा तो व्यक्तिगत भी मानना है कि सिंधिया को आगे लाना चाहिए.’’

हार्दिक ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले करीब 15 वर्षों के भाजपा नीत सरकार के राज को परिवर्तित करना है, यहां की व्यवस्था को परिवर्तित करना है लेकिन यह तभी संभव है, जब जनता जागरूक होगी. उन्होंने कहा कि हम उनका विरोध करते हैं जो सरकारें वादे करती हैं, लेकिन निभाती नहीं. पटेल ने कहा कि यदि सरकार दो करोड़ लोगों को रोजगार दे देती है और स्वामीनाथन कमीशन की अनुशंसाओं को लागू कर देती हैं तो वह विरोध नहीं करेंगे.

दो अप्रैल को दलितों द्वारा किए गए भारत बंद के मामले पर उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके अधिकार के लिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन को हिंसक रूप भाजपा और आरएसएस ने दिया.

ज्योतिरादित्य सिंधिया का ऐलान, शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकने तक नहीं पहनूंगा फूलों की माला

इससे पहले, पिछले माह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर जल्द घोषित करने की मांग की थी. मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के प्रचार के दौरान चतुर्वेदी ने कहा था, “मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम अभी और तत्काल घोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि चुनाव के लिए अभी सिर्फ छह से आठ माह ही बचे हैं. यह अवधि तो पूरे राज्य का दौरा करने और पार्टी के लिए माहौल बनाने में लग जाएगी.”

चतुर्वेदी की गिनती माधवराव सिंधिया के करीबियों में रही है. वह इस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया के संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं. बुंदेलखंड क्षेत्र से नाता रखने वाले चतुर्वेदी का नाता उस परिवार से है, जो आजादी की लड़ाई में सक्रिय रहा है. उनके पिता बाबूराम चतुर्वेदी राज्य में मंत्री और मां विद्यावती चतुर्वेदी कई बार सांसद रहीं. विद्यावती की गिनती इंदिरा गांधी के करीबियों में रही है.

कमलनाथ भी दे चुके हैं सिंधिया का साथ 
कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कमलनाथ भी सिंधिया को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी की कमान ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को देने की मांग कर चुके हैं. कमलनाथ का कहना था कि राज्‍य में पार्टी के नेता के तौर पर सिंधिया के नाम पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है.


facebook - जनसम्पर्क
facebook - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
twitter - जनसम्पर्क
twitter - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
जिला प्रशासन इंदौर और शासन की दैनंदिन गतिविधियों और अपडेट के लिए फ़ॉलो करें