शहर से 4 डिग्री कम रहता है भेल उपनगरी का तापमान

हरियाली ॥ हर वर्ष लगते है हजारों पौंधे, दोपहर में भी मिलती है राहत
सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
भेल उपनगरी की हवाओं में शहर के अन्य इलाकों से ज्यादा ताजगी और ठंडक रहती है। भेल का तापमान भी कोलार, हमीदिया रोड, होंशगाबाद रोड और महाराणा प्रताप नगर की अपेक्षा कम रहता है। यहां की हवाओं में ताजगी और ठंडक अधिक होने के पीछे एक कारण है यहां की हरियाली। भेल उपनगरी में पार्क और पेड़-पौंधे अधिक होने के कारण इसे आक्सीजन जोन कहा जाता है। राजधानी के अन्य इलाकें और बीएचईएल के क्षेत्र में सामान्यत: 4 डिग्री का अंतर तापमान में आता है। एक अनुमान के अनुसार दोपहर में बोर्ड आफिस क्षेत्र में 38 डिग्री पारा रहेगा तो भेल नगरी में इसका आंकड़ा 34 पर रहता है। यहां हर वर्ष पौधारोपण अभियान चलाकर हरियाली को बरकरार रखा है।
जानकारी के अनुसार भेल क्षेत्र में पिछले चार दशक से प्रबंधन द्वारा हर वर्ष पौधारोपण अभियान चलाकर यहां की हरियाली में हर वर्ग की भागीदारी ली जाती है। पिछले 3 साल से यहां एक वर्ष में करीब 10 हजार पौधे लगाने के अभियान को नगर प्रशासन विभाग पूरा कर रहा है। पिछले वर्ष पिपलानी क्षेत्र में पौधारोपण किय गया था। उपनगरी में धनवंतरी पार्क, कस्तूरबा अस्पताल के पीछे वाला हिस्सा, पिपलानी इलाहाबाद बैंक के समीप जर्जर मकानों को तोडऩे के बाद उस क्षेत्र में पौंधारोपण कर तार फेंसिंग की कराई गई है।
मार्निंग वॉक करने आते हैं लोग
भेल क्षेत्र का खेल प्राधिकरण जो कि पूरी तरह से हरा-भरा है। इस क्षेत्र को मार्निंग वॉक के लिए सबसे ज्यादा पंसद किया जाता है। इस क्षेत्र में इंट्री के लिए स्र्पोट्स क्लब प्रबंधन से अनुमति भी लेनी पड़ती है। यहां पर साकेत नगर, शक्ति नगर में रहने वाले बुजुर्ग ज्यादा संख्या मेंं टहलने आते है। जबकि भेल अतिथि भवन मार्ग और नेहरू गुलाब उद्यान क्षेत्र में बरखेड़ा के विभिन्न सेक्टरों में रहने वाले महिला-पुरूष और बच्चे यहां मार्निंग वॉक करते है। कुछ लोग इस मार्ग पर दौड़ते भी है। साकेत नगर के निवासी राकेश शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में मार्निंक वॉक से सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
ठंडी सड़क की पहचान
भेल उपनगरी के अंदर बरखेड़ा, साकेत नगर, शक्ति नगर, महात्मा गांधी चौराहा, आईटीआई जवाहर उद्यान, कमला पार्क, अंबेडकर मैदान बरखेड़ा अन्य क्षेत्रों में पौधों की संख्या ज्यादा है। शक्ति नगर से बरखेड़ा पहुंच मार्ग को यहां की ठंडी सड़क कहा जाता है। सर्दी में तो यहां कंपकंपी आती है लेकिन 42 डिग्री में निकलने वाले राहगीर को यहां तेज गर्मी में ठंडक का अहसास होता है। इस क्षेत्र में साकेत नगर के रहवासी बड़ी संख्या में माॢर्नंग वॉक करने आते है।
बच्चों के लिए पार्क बने खेल मैदान
छोटे-छोटे बच्चें गर्मियों के दिनों में शाम के समय यहां कमला नेहरू सहित अन्य उद्यानों में मनोरंजन करने आ रहे है। पार्क के अंदर फुटवाल और प्लास्टिक की गेंदों के बच्चे और बड़े लोग बैंडमेंटन से खेलकर हरियाली के बीच लुप्त उठा रहे है। बरखेड़ा के इस उद्यान में बच्चों के खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक जोन को विकसित किया गया है। इसी के साथ बरखेड़ा अंबेडकर पार्क में भी खेलों की व्यवस्था की गई है।
भेल शहर की पहचान
भेल उपनगरी में हरियाली को निरंतर बनाए रखने के लिए हर वर्ष जनसमुदाय के सहयोग से भेल प्रशासन द्वारा पौंधारोपण किया जाता है। शहर की अपेक्षा यहां का तापमान कम रहता है। हरा-भरा भेल शहर की पहचान है।
> वीएन झा, भेल प्रवक्ता


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