वेतन कम या कटौती बढ़ाकर बताने पर लगेगा 200 त्न तक जुर्माना

विशेष संवाददाता ॥ भोपाल
आयकर विभाग बड़े टैक्स पेयर्स के बाद अब वेतन भोगी टैक्स पेयर्स पर भी शिकंजा कसने जा रहा है। विभाग ने वेतन भोगी टैक्स पेयर्स को आईटीआर (रिटर्न ) फाइल करने के प्रति आगाह किया है। रिटर्न में वेतन कम बताने और टीडीएस बढ़ा चढ़ाकर दिखाने जैसे हथकंडे अपनाने पर विभाग टैक्स पेयर्स पर 50 से 200 जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई करेगा।
असल में टैक्स चोरी रोकने और ब्लैक मनी बाहर निकालने के लिए आयकर विभाग नित्य नए नियम लागू कर रहा है। करदाता टैक्स बचाने के लिए अपने रिटर्न में सही जानकारी छिपाते हैं। वे कम सेलरी और टीडीएस की कटौती बढ़ा चढ़ाकर दिखाते हैं। आयकर विभाग के बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर ने जनवरी में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जो वेतन भोगी करदाताओं को फर्जी तरीके से टैक्स रिफंड हासिल करने में मदद करता था। सीबीआई ने हाल ही में इस मामले में आपराधिक मामला भी दर्ज किया है। इस मामले के खुलासे के बाद आयकर विभाग के बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर ने इस बारे में सभी करदाताओं को एडवाइजरी भी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि गलत फायदे के लिए फ्रॉड टैक्स सलाहकारों के चक्कर में नहीं पड़ें। विभाग के अनुसार रिटर्न में आय कम दिखाना या कटौती बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय है और आयकर कानून की धाराओं के तहत अभियोजन किया जा सकता है। टैक्स से जुड़ी फेराफेरी करने पर टैक्स से बचाई गई कुल रकम पर 50 से 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
टैक्स फाइल करने में कोई बदलाव नहीं
सीबीडीटी ने असेसमेंट इयर 2018 -19 के इनकम टैक्स रिटर्न फाइल के फॉर्म्स में बदलाव किया है। विभाग के मुताबिक नए फॉर्म्स में कुछ चीजों को बदला गया है। सीबीडीटी ने साफ किया कि टैक्स फाइल करने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पिछले साल की तरह होगी।


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