कर्नाटक के बाद एमपी में मुकाम करेंगे अमित शाह

संतोष चौधरी ॥ भोपाल
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मध्यप्रदेश को अपना मुकाम बनाएंगे। वे यहां रहकर मध्यप्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ में छह महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव पूरी नजर रखेंगे। वे मप्र को लिंक स्टेशन बनाकर दोनों राज्यों में दौरे करेंगे। इधर, प्रदेश संगठन ने उनके लिए आवास तलाशना शुरू कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और चौथी बार सरकार बनाने के लिए मप्र में डेरा डालने की तैयारी कर रहे हैं।
असल में शाह की चुनाव प्रबंधन की अपनी अलग खासियत रही है। जिस राज्य में चुनाव होते हैं, शाह तीन महीने पहले ही वहां पहुंच जाते हैं और वहां रहकर चुनावी प्रबंधन की पूरी कमान अपने हाथ में रखते हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि शाह कर्नाटक विधानसभा चुनाव से निपटने के बाद मध्यप्रदेश सहित तीनों राज्यों में सक्रिय हो जाएंगे और उनका मुख्य ठिकाना मप्र ही रहेगा। वे यहां रहकर दोनों पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव पर पूरी नजर रखेंगे। भोपाल में उनका वार रूम बनाया जाएगा। साथ ही उनका अपना नेटवर्क रहेगा।वे मप्र को लिंक स्टेशन के रूप में इस्तेमाल करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मप्र में रहकर दोनों राज्यों पर नजर रखना उनके लिए ज्यादा आसान रहेगा। पार्टी क राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह तीनों राज्यों के चुनावी दौरों के कार्यक्रम भी यहां से संचालित होंगे। बताया जा रहा है कि उनके लिए भोपाल में आवास की तलाश भी शुरू हो गई है। एक पदाधिकारी का कहना है कि वे दीनदयाल परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय को भी अपना अस्थाई ठिकाना बना सकते हैं।
मौजूदा राजनीतिक हालात से राष्ट्रीय संगठन चिंतित
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में 200 के पार का लक्ष्य लेकर चल रहे भाजपा संगठन मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को लेकर चिंतित दिखाईदे रहा है। शिवराज सरकार को लेकर एंटी इनकम्बेंसी पनप रही है। किसानों सहित अन्य वर्गं का भाजपा सरकार के प्रति विश्वास में कमी आई है। कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा भी गुटबाजी का शिकार होने लगी है। पार्टी विधायकों का रिपोर्ट कार्ड भी संगठन के लिए चिंता का विषय है। खुद संगठन मानता है कि करीब पांच दर्जन विधायक ऐसे हैं जिनके दोबारा जीतकर आने की संभावना नहीं है। वहीं, मौजूदा चुनावी सर्वे को भी प्रदेश भाजपा के लिए कोई शुभ नहीं माना जा रहा है। पार्टी सूत्र कहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को इन सब स्थितियों का अहसास है, इसलिए भी उनका पूरा फोकस मध्यप्रदेश ही रहेगा।
जिलाध्यक्ष तक का कच्चा चिट्टा लेकर बैठेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष
विशेष संवाददाता ॥ भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कलेक्टरों का फीडबैक लेकर मंडला पहुंचे थे, कुछ उसी तर्ज पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर जिलाध्यक्षों तक का फीडबैक लेकर भोपाल आ रहे हैं। वे पदाधिकारियों और जिलाध्यक्ष तक कच्चा चिट्टा लेकर उनके साथ अलग से बैठक करेंगे। साथ ही पिछली बार तीन दिन के भोपाल प्रवास के दौरान शाह ने प्रदेश संगठन को जो टारगेट सौंपे थे, उनकी मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा करेंगे। चुनाव से छह महीने पहले होने जा रहे उनके इस दौरे को चुनावी तैयारियां, संगठनात्मक कसावट और कार्यकर्ताओं को चार्ज करने से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रदेश दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठकों का सिलसिला चल रहा है। कल शाम भी प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हुई। आज भी बैठक होगी। वे 4 मई को भोपाल आ रहे हैं। उनके साथ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल भी मौजूद रहेंगे। वे इसी दिन भेल के दशहरा मैदान में विस्तृत प्रदेश कार्यसमिति बैठक को संबोधित करेंगे। बैठक में कोर ग्रुप के सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सांसद, विधायक, जिला पदाधिकारी, मोर्चो के प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा के जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री, प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक और सह संयोजक, जिला सहकारी बैकों के अध्यक्ष, निगम मंडल प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, निगम, मंडी- बोर्ड के संचालक, मंडलों के प्रवासी कार्यकर्ता, प्रकल्प एवं विभागों के प्रदेश संयोजक, पूर्णकालिक कार्यकर्ता, 2013 के विधायक प्रत्याशी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, महापौर एवं नगर निगम के अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। वे करीब तीन हजार से अधिक लोगों की बैठक को संबोधित करेंगे।


facebook - जनसम्पर्क
facebook - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
twitter - जनसम्पर्क
twitter - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
जिला प्रशासन इंदौर और शासन की दैनंदिन गतिविधियों और अपडेट के लिए फ़ॉलो करें