पेंटिंग्स भी नहीं छुपा सकीं भोपाल स्टेशन की गंदगी

रेलवे के गले नहीं उतरे भोपाल के अभियान, सुंदरता में पिछड़ा
सच प्रतिनिधि ॥ भोपाल
राजधानी के ए-1 दर्जा प्राप्त भोपाल स्टेशन को खूबसूरत बनाने का काम किया गया। स्टेशन की दीवारों पर प्रदेश भर के पर्यटन स्थलों की तस्वीरें बनाई गईं लेकिन इन तमाम प्रयासों के बाद भी भोपाल स्टेशन की दीवारों पर बनाई गई पेंटिंग रेलवे बोर्ड को पसंद नहीं आई।
दरअसल, रेलवे ने देशभर के स्टेशनों के नाम आमंत्रित किये थे। जिनका सौंदर्यीकरण किया गया था। देश के 11 जोन से 62 स्टेशनों के नाम आये थे । इन 62 स्टेशनों में भोपाल स्टेशन पर बनाई गई पेंटिंग की तस्वीरें भेजी गई थीं। मगर अधूरे कार्यों के चलते भोपाल स्टेशन की पेंटिंग रेलवे बोर्ड को पसंद नहीं आई है। वहीं बीते कई सालों से भोपाल स्टेशन देश भर के गंदे स्टेशनों में शुमार रहा है। वर्ष 2018 में अपनी छवि सुधारने के लिए स्टेशन पर साफ-सफाई और स्टेशन की गंदी दीवारों को साफ करने के लिए प्रयास लगातार कर रहा है। वहीं भोपाल स्टेशन की साफ-सफाई का जिम्मा निजी कंपनी को दिया है। स्टेशन की दीवारों पर पेंटिंग बनाने का काम किया गया है। इससे पहले स्टेशन की दीवारे गुटके की पीक से रंगी दिखाई देती थीं। रेलवे के स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्टेशन की दीवारों को साफ कर प्रदेश भर के पर्यटन की तस्वीरें बनाई गई हैं। भोपाल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल स्टेशन की साफ-सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। स्टेशन की दीवारों पर प्रदेश के पर्यटन स्थलों की तस्वीरें बनाई गई है। रेलवे बोर्ड ने भोपाल स्टेशन की दीवारों पर बनाई गई तस्वीरें मंगाई थीं। हमनें पेंटिंग की तस्वीरें भेजी हैं। किसी कारणवश भोपाल स्टेशन की पेटिंग को शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए आगे और भी प्रयास किए जाएंगे।
बल्लारशाह और चंद्रपुर स्टेशन
को 10 लाख का इनाम
स्टेशन की दीवारों पर अच्छी और साफ पेंटिंग की श्रेणी में महाराष्ट्र के बल्लारशाह और चंद्रपुर रेलवे स्टेशन को सबसे बेहतर साबित हुआ है। बोर्ड की ओर से पहला पुरस्कार इन दोनों स्टेशन को दिया गया है। दूसरे स्थान पर पूर्व मध्य रेलवे के मधुबनी स्टेशन और दक्षिण रेलवे के मदुरै स्टेशन को दिया गया है। वहीं तीसरे स्थान पर पश्चिम मध्य रेलवे का कोटा स्टेशन और तीन अन्य जोन के स्टेशनों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही भोपाल स्टेशन की पेंटिंग को रेलवे बोर्ड ने सुंदर पेंटिंग के दायरे में नहीं रखा है।
नहीं बन सकी गुडविल
रेलवे के ए-1 स्टेशनों में भोपाल स्टेशन शामिल है। इसके बावजूद कुछ कमियों के कारण रेलवे की नजरों में अपनी साफ और स्वच्छ छवि बनाने में पीछे रहा है। भोपाल स्टेशन बीते दो सालों में गंदे स्टेशनों में सबसे आगे रहा है। हांलाकि मंडल के अधिकारियों का दावा रहा है कि भोपाल स्टेशन पर सफाई बेहतर रूप से की जा रही है। वहीं बीते सालों की स्वच्छ रेलवे की रिपोर्ट के आधार पर भोपाल स्टेशन गंदे स्टेशनों में शामिल रहा है।


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