कल शाम 4 बजे तक बहुमत करें साबित

नई दिल्ली ॥ एजेंसी
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के बाद सुप्रीम कोर्ट में आज कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार शाम चार बजे विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए अब 14 दिनों का समय नहीं मिलेगा। सबसे पहले बीजेपी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को वह लेटर उपलब्ध कराया गया जिसे येदियुरप्पा की तरफ से राज्यपाल को भेजा गया था। बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से बहुमत परीक्षण के लिए सोमवार तक का वक्त मांगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने देने से इनकार कर दिया। कांग्रेस की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि फ्लोर टेस्ट की वीडियोग्राफी हो और विधायकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए ताकि वह वोट कर सकें। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में एंग्लो-इंडियन सदस्य की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी है।बता दें कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की तरफ से एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। ये याचिका एंग्लो-इंडियन विधायक के चुनाव के विरोध में दायर की गई थी। याचिका मे सीएम बीएस येदुियुरप्पा के सदन में बहुमत साबित करने तक एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत किए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कांग्रेस की तरफ से पैरवी कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम भी कल फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।

बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने तत्काल फ्लोर टेस्ट कराए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए. ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है. एक दिन फ्लोर टेस्ट का निर्देश देकर संतुलन नहीं बनाया जा सकता। रोहतगी ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर भी बनाया जाना है, वाजिब वक्त मिले. कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायक दूर बन्द कर रखे हैं. उन्हें लाने में भी वक्त लगेगा। वहीं,कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि शनिवार को शक्ति परीक्षण के लिए हम तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट में कुमारस्वामी की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्यपाल को अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए? सिब्बल ने कहा कि हमारे पास हमारे सभी विधायकों के दस्तखत वाली चि_ी है। रोहतगी और तुषार ने कहा कि फ्लोर टेस्ट से ही सच सामने आएगा।कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस के साथ जेडीएस भी जल्दी फ्लोर टेस्ट चाहती है। फ्लोर टेस्ट तुरन्त होना चाहिए। सिब्बल ने कहा कि सरकार बनाने का न्यौता गठबंधन के साथ सबसे बड़ी पार्टी को मिलना चाहिए या पर्याप्त बहुमत वाली पार्टी को।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष के अपने-अपने दावे हैं। हम कानून के अनुसार फैसला करेगा। कानूनी प्रकिया का पालन होना चाहिए। जस्टिस सीकरी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर दो पार्टियां अपने-अपने दावे कर रही हैं, तो गवर्नर ने किस आधार पर फैसला किया. इस पर बीजेपी के वकील ने कहा कि ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है। जस्टिस सीकरी ने कहा कि अगर स्पष्ट बहुमत होता, तो कोई समस्या नहीं होता, अगर चुनाव से पहले गठबंधन होता तो स्थिति अलग होती, लेकिन चुनाव बाद गठबंधन से इसकी प्राथमिकता कम नजर आती है।
येदि ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बता दें कि कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को 104 सीटें मिली थीं। कांग्रेस (78 सीटें) और जेडीएस (38 सीटें) ने भी मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन राज्यपाल ने उन्हें नहीं बुलाया। इसको लेकर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां
ए कांग्रेस-जेडीएस बहुमत के समर्थन का पत्र दिखा रहे हैं और येदियुरप्पा भी दावा कर रहे हैं कि बहुमत उनके पास है तो जमीनी स्थिति को देखना होगा।
ए किस आधार पर येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए न्योता दिया गया।
ए बहुमत का फैसला जरूरी है। बेहतर है कि कल ही बहुमत परीक्षण हो जाए
ए जिसे सरकार गठन का न्योता मिला है वह बहुमत साबित करे
ए हम राजनीतिक लड़ाई में नहीं पड़ रहे है, विधानसभा में ही आखिरी फैसला होना चाहिए।

कोर्टरूम में क्या हुआ? फ्लोर टेस्ट पर राजी नहीं थी भाजपा
1) सुप्रीम कोर्ट ने चि_ियां मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा से कहा कि वह राज्यपाल से मिली चि_ी पेश करें। इस पर भाजपा की तरफ से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी ने चि_ियां सौंपी।
– रोहतगी ने कहा कि येदियुरप्पा कर्नाटक के सबसे बड़े दल भाजपा के नेता हैं। उनके और भाजपा के पास जरूरी विधायकों का समर्थन है और वे सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं।
– सुप्रीम कोर्ट ने इस पर जानना चाहा कि राज्यपाल किस आधार पर किसी पार्टी को स्थायी सरकार बनाने का मौका देते हैं। इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि इस बारे में वे फिलहाल कुछ नहीं कहना चाहेंगे।
2) कोर्ट ने दो विकल्प बताए, कहा- शनिवार को क्यों ना हो फ्लोर टेस्ट
– रोहतगी ने कहा कि हमारे पास यह जानकारी आई है कि अन्य दलों के कई विधायकों ने कांग्रेस-जेडीएस को किसी तरह का लिखित समर्थन नहीं दिया है।
– सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह महज नंबर गेम है। जिसके पास बहुमत है, उसे सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए। बीएस येदियुरप्पा ने समर्थन होने का दावा किया है। भाजपा सबसे बड़ा दल है। ऐसी स्थिति में दो संभावनाएं होती हैं। राज्यपाल के फैसले को परखा जाए या फिर शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट कराया जाए।
– जस्टिस अर्जन कुमार सीकरी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट ही सबसे अच्छा विकल्प नजर आ रहा है।
3) कांग्रेस-जेडीएस ने कहा- हम शनिवार पर राजी, हम भी साबित कर सकते हैं बहुमत
– कांग्रेस-जेडीएस की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि येदियुरप्पा ने समर्थन होने का दावा जरूर किया है, लेकिन उनके पास विधायकों के समर्थन की चि_ियां नहीं हैं। या यूं कहें कि वे सिर्फ मौखिक समर्थन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस भी कल फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।
– सिंघवी ने जब कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों के लिए उचित सुरक्षा की मांग की तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह डीजीपी से इसके इंतजाम करने को कहेगी।
4) एंग्लो इंडियन सदस्य की नियुक्ति नहीं होगी
– कर्नाटक के राज्यपाल ने विनिषा नेरो को विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य के तौर पर मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट होने तक इस सदस्य को मनोनीत ना करें।
5) फ्लोर टेस्ट शनिवार को कराने पर राजी नहीं थी भाजपा, कोर्ट ने 4 बजे का वक्त तय किया
– भाजपा की तरफ से पेश वकील रोहतगी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट शनिवार को नहीं होना चाहिए। हमें थोड़ा वक्त चाहिए। विधायकों को पहुंचने और आजादी से वोट करने के लिए वाजिब वक्त दिया जाना चाहिए। कम से कम सोमवार तक का वक्त मिले। जेडीएस-कांग्रेस के विधायकों को भी उनकी पार्टी ने दूसरे राज्यों में भेज रखा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट वक्त बढ़ाने पर राजी नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शनिवार दोपहर 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराएं।
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-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह डीजीपी को आदेश देगा ताकि शनिवार को फ्लोर टेस्ट सुरक्षा के बीच हो सके। ये भी कहा कि सरकार बनाना केवल नंबर गेम है। जिसके पास बहुमत है, उसे ही सरकार बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए।
-कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पूछा कि राज्यपाल यह कैसे सोच सकते हैं कि भाजपा बहुमत साबित कर सकती है जब जेडीएस और कांग्रेस के पास बहुमत है। येदियुरप्पा समर्थन का दावा तो कर रहे हैं लेकिन उन्होंने विधायकों के सपोर्ट का पत्र नहीं सौंपा। येदियुरप्पा ने केवल मौखिक रूप से सपोर्ट की बात कही है। सिंघवी ने फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को सुरक्षा दिए जाने की भी मांग की। सिंघवी ने कहा कि विधायक बिना डरे वोट कर सके इसके लिए सुरक्षा और विडियोग्राफी होनी चाहिए। कांग्रेस शनिवार को फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।
-जस्टिस सीकरी ने कहा कि हम राजनीतिक लड़ाई में नहीं पड़ सकते हैं।
-जस्टिस बोबडे ने कहा कि विधानसभा में ही बहुमत परिक्षण होना चाहिए, जिसे न्यौता मिला वह बहुमत साबित करे।
-जस्टिस सीकरी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जनादेश सबसे महत्वपूर्ण है।
-मुकुल रोहतगी ने दलील दी है कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। सुप्रीम कोर्ट के सामने बोम्मई जजमेंट का उदाहरण दिया है।
-मुकुल रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल को विधायकों के नाम देने की जरूरत ही नहीं थी क्योंकि वह सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं।
– काग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद बोले- कर्नाटक मामले में राज्यपाल का फैसला रद्द होना चाहिए।
-कांग्रेस और जेडीएस के विधायक हैदराबाद के ताज कृष्णा होटल पहुंचे हैं। इस मौके पर तेलंगाना कांग्रेस पार्टी कमेटी के अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी भी मौजूद हैं।
-बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि हम अदालत को मुख्यमंत्री का पत्र दिखाएंगे, इससे पता चलता है कि उनके पास कितने विधायकों का समर्थन है। खरीद-फरोख्त की कोई बात नहीं है।
-बीजेपी नेता बी. बोम्मई ने कहा कि मुझे नहीं पता कि गायब हुए विधायक कहां हैं। वह लोगों को 3-4 दिनों से भ्रमित कर रहे हैं। हम अपना बहुमत साबित करेंगे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा हम उसका सम्मान करेंगे।


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