अब नहीं बिकेंगे बिना हॉलमार्किंग सोने के जेवर

एजेंसी.नई दिल्ली
कानून मंत्रालय ने सोने की शुद्धता की प्रामाणिकता के लिए उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा तैयार हॉलमार्किंग के दिशा-निर्देशों को हरी झंडी दे दी है। इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसे दो चरणों में लागू किया जाएगा। प्रमुख शहरों के स्वर्णकारों को निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए छह माह का और छोटे शहरों, कस्बों तथा दूरदराज इलाकों में निर्देशों की अनिवार्यता के लिए एक साल का वक्त दिया जाएगा।
566 हॉलमार्किंग केंद्र, 25 हजार लाइसेंस
मौजूदा समय में देशभर में महज 566 हॉलमार्किंग केंद्र हैं, जबकि करीब 25,000 लाइसेंस लिए गए हैं। देशभर में स्वर्णकारों की संख्या ढाई लाख से अधिक है। ऐसे में निर्देशों को लागू किए जाने से पहले संसाधन और ढांचागत व्यवस्था होना जरूरी है।
रीसेल करने पर नहीं होगा ज्यादा नुकसान
जब भी आप कभी गहने लेने जाएंगे तो धातु की कीमत से अलग उसकी बनवाई की कीमत भरनी पड़ती है। तो अलग अलग जगहों पर मेकिंग चार्ज पता करें,जिससे आपको गहनों की कीमत में उसके मेकिंग चार्ज कम से कम हो। ऐसा करने से आप जब कभी अपने गहनों को रीसेल करेंगे तो आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
बीआईएस देगा लाइसेंस
मंत्रालय के मुताबिक नए निर्देशों में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को लाइसेंस मुहैया कराने का प्राधिकार तय किया गया है। ऐसे में एक साल में इस व्यवस्था को अनिवार्य तौर पर लागू करने के लिए लाइसेंस के आवेदनों और ढांचागत व्यवस्था के लिए स्वर्णकारों को समय दिया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि निर्देशों को तैयार करने में विभिन्न पक्षों से राय ली गई है। अगर कोई इसका विरोध करता है, तो स्पष्ट तौर पर वह ग्राहकों को उचित मानक की सामग्री मुहैया कराने का पक्षधर नहीं हैं। गौरतलब है कि 22, 18 और 14 कैरेट की ज्वैलरी की हालमार्किंग अनिवार्य होगी।
तत्काल प्रभाव से नहीं हो सकता लागू
कानून मंत्रालय ने सभी तकनीकी पहलुओं पर गौर करने के बाद इन्हें मंजूरी प्रदान की है और अब मंत्रालय अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। मंत्रालय का कहना है कि तत्काल प्रभाव से पूरे देश में इसे लागू करना संभव नहीं है, इसलिए दो चरणों में निर्देशों को तय अवधि में लागू किया जाएगा।
बच सकेंगे ठगी से
कभी भी ज्वैलरी खरीदे तो याद रखें हमेशा हॉलमार्क गहने का ही चुनाव करें। ऐसा हो सकता है कि हॉलमार्क के गहने खरीदते वक्त आपको थोड़ी अधिक कीमत भरनी पड़े, क्योंकि उसमें परीक्षण की लागत को शामिल किया जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि अलग-अलग दुकानों पर हॉलमार्क के गहनों की अलग-अलग कीमत हो। इसलिए गहने को खरीदने से पहले अलग अलग जगहों से जानकारी ले। ऐसा करने से आप ठगी से भी बच सकेंगे।


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