सोशल मीडिया से मास्टरों को दूर रहने की हिदायत

प्रशासनिक संवाददाता ॥ भोपाल
सोशल मीडिया पर इन दिनों जर्बदस्त रूप से सक्रिय मप्र सरकार इसके साइड इफैक्ट से भी जूझ रही है। ट्ििवटर, फेसबुक और वाहट्अप के जरिए सरकार की उपलब्धियों, जानकारियों और सूचनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिशों के बीच सरकार छवि बिगाडऩे वाली जानकारियां भी सोशल प्लेटफार्म पर शेयर होने लगी हैं। इसके बाद से सरकार ने सरकारी विभागों के कर्मचारियों को सोशल मीडिया से दूर रहने को कह दिया है। सोशल मीडिया पर निगेटिव पब्लिसिटी से जुड़े कुछ मामले सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को सोशल मीडिया से दूर रहने की हिदायत दी है।
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक निर्देश जारी कर विभाग के सभी शिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों से कहा है कि विभाग से संबंधित किसी भी प्रकार के आदेश, निर्देश, जानकारी या गतिविधियों को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें और न ही सोशल मीडिया पर आने वाली ऐसी किसी पोस्ट को लाइक और शेयर करें। दरअसल सोशल मीडिया पर ऐसी कई पोस्ट वायरल हो रही हैं जिससे सरकार की निगेटिव पब्लिसिटी हो रही है। इस तरह की कई पोस्टर शिक्षकों, अध्यापकों के सेवा संबंधी और स्कूलों में सुविधाओं को लेकर हैं। वायरल हो रही इन पोस्ट से सरकार छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
जिलों में जारी हो रही गाइडलाइन
सोशल मीडिया को सतर्कता बरतने को लेकर सरकार के निर्देशों के बाद जिलों में स्कूल शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी जिला स्तर पर शिक्षकों और विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए गाइडलाइन जारी कर रहे हैं। सतना में जिला शिक्षा अधिकारी ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा कि विभाग के शिक्षक और कर्मचारी यदि किसी भी ऐसी पोस्ट को शेयर या लाइक करते हैं जो किसी भी रूप में राजनीतिक होगी या संवेदनाश्ील विषय से संबंधित होगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। गाइडलाइन में यह भी कहा हैकि विभागीय बैठकों, नीतियों, निर्देशों से संबंधित जानकारी भी सोशल मीडिया पर शेयर करना अपराध की श्रेणी में आएगा और इसको लेकर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ-साथ आईअी एक्टी की धाराओं में भी कार्यवाही की जाएगी।
शिक्षकों-कर्मचारियों को सलाह
गाइडलाइन में शिक्षकों और विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे फेसबुक, वाहट्अप और ट्ििवटर पर किसी भी तरह की पोस्ट शेयर करने या किसी पोस्ट पर लाइक या कमेंट करने से पहले उनके कांटेंट को देख लें। इस मामले में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। मुख्यमंत्री, मंत्री या राज्य सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ यदि कोई पोस्ट दिखाईदेती है तो उस पर कमेंट करने के साथ-साथ लाइक या शेयर करने से भी बचें।
इधर सोशल मीडिया पर
एक्टिव सरकार
दूसरी तरफ सरकार खुद सोशल मीडिया पर जबर्दस्त एक्टिव है। राज्य के जनसंपर्क विभाग ने सभी विभागों के फेसबुक पेज और ट्ििवटर अकाउंट खोल दिए हैं। इसके साथ ही जिले और संभाग के साथ-साथ कलेक्टर और कमिश्रर के सोशल मीडिया अकाउंट खोले गए हैं और इन पर रोजाना सरकार की उपलब्धियां पोस्ट की जा रही हैं। पिछले साल सरकार ने एक आदेश जारी कर अपने सभी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के साथ-साथ सरकार से जुड़ी पोस्ट को लाइक और शेयर करने के लिए बकायदा निर्देश जारी किए थे। राज्य का जनसंपर्क विभाग इस कवायद में जुटा हैकि सोशल मीडिया पर राज्य के ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को जोड़ा जाए और उन तक सरकार की जानकार पहुंचाई जाए। दूसरी तरफ सरकार के दूसरे विभाग अपने अधिकारी-कर्मचारियों को सोशल मीडिया से लगभग दूर रहने की हिदायत दे रहे हैं।


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