CBI के सामने सिद्धार्थ पिठानी ने सुनाई सुशांत से पहली मुलाकात से लेकर सुसाइड तक की पूरी कहानी

मुंबई: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) सुसाइड मामले में उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी से सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही है. इसी बीच सीबीआई को दिया गया उनका प्राथमिक बयान सामने आया है, हालांकि उसके बाद भी सीबीआई के अधिकारियों ने सिद्धार्थ से कई अलग सवाल और काउंटर क्वेश्चन किए और उसका जवाब दर्ज किया गया. उन्होंने अपने प्राथमिक बयान में कहा, ‘मैं सिद्धार्थ पीठानी ऊपर दिए हुए माउंट ब्लैंक के पते पर 20 जनवरी 2020 से सुशांत सिंह राजपूत के साथ रह रहा हूं. मैं मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला हूं. मेरे पिता लोगो डिजाइनिंग और ग्राफिक्स प्रिंटिंग का काम करते हैं. फिल्म ऐनिमेशन में मेरा इंटरेस्ट होने के कारण, मैंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायनिंग से एफवीसी का प्रशिक्षण लिया. साल 2019 में कोर्स खत्म हुआ और मैं पढ़ाई के साथ फ्रीलांसिंग का काम करता था. साल 2017 में मैंने सेक्रड फिग डिजाइन नाम की कंपनी में काम शुरू किया, जहां मैं वीडियो डिजाइनिंग और डायरेक्शन का काम करता था. साल 2018 में जब मैं एक काम के सिलसिले में जयपुर गया, तब मेरी मुलाकात आयुष शर्मा से हुई. आयुष और सुशांत सिंह राजपूत अच्छे दोस्त थे. आयुष ने मुझे बताया था कि वो मुंबई में मुझे अच्छा काम देगा और मेरे लिए सारा इंतजाम भी कर देगा.’

अप्रैल 2019 को जयपुर से मुंबई आए थे सिद्धार्थ
उन्होंने आगे कहा, ‘अप्रैल 2019 को मैं जयपुर से मुंबई पहुंचा. आयुष ने मेरे लिए बांद्रा के एक होटल में रहने की व्यवस्था की थी. मुंबई पहुंचने के दूसरे दिन मैं उसके साथ सुशांत के केप्री हाइट्स के घर गया. तब सुशांत के घर दिपेश सावंत, सैमुअल हॉकिस, अब्बास, केशव और घर पर काम करने वाले दो और शख्स थे. सुशांत बिल्डिंग के 15-16 फ्लोर पर रहते थे. यहां 5 बेडरूम, 2 हॉल और एक लिफ्ट थी. उस मीटिंग में हमने सुशांत के ड्रीम 150 प्रोजेक्ट के बारे में डिस्कस किया. इस प्रोजेक्ट में सुशांत, आकांक्षा, आयुष और मैं काम करने वाले थे. ये प्रोजेक्ट समाजसेवा, बाल शिक्षा, महिला उद्योग, अंधे बच्चों को कंप्यूटर सिखाना, सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग, रॉजर फेडरर और धोनी के साथ मैच खेलने जैसे ड्रीम पर काम करने के लिए बनाया था. इस मुलाकात के बाद मुझे बताया गया कि इस काम के लिए मुझे पैसे नहीं मिलेंगे, लेकिन सुशांत हमारा सारा ख्याल रखेगा. जॉस्टेल होटल में रहते समय एक दिन मैं, सुशांत, आयुष शर्मा, आकांक्षा, आकांक्षा की बहन, उसकी दोस्त, सुशांत की बहन प्रियंका, उनके पति सिद्धार्थ, रिया, रिया की दोस्त, कुक केशव और अन्य दो लोग पावना लेक के फार्म हाउस पर पार्टी मनाने गए. यहां तीन चार दिन रहकर हम वापस लौटे. फार्म हाउस पर रिया और सुशांत की बहन प्रियंका के बीच झगड़ा हुआ. उस समय सुशांत ने रिया का साथ दिया, जिससे नाराज होकर मुंबई आने के दो तीन बाद प्रियंका और उनके पति सुशांत का घर छोड़कर चले गए, फिर सुशांत ने मुझे और आयुष को उनके घर रहने के लिए कहा.’

नौकरों से ठीक से बर्ताव नहीं करती थीं सुशांत की बहन प्रियंका
सिद्धार्थ ने कहा, ‘वहां रहते समय मुझे पता चला कि सुशांत की बहन प्रियंका नौकरों से ठीक से बर्ताव नहीं करती थीं. इस वजह से अब्बास, दिपेश सावंत नौकरी छोड़कर भी गए थे. वहां रहते समय मैं सुशांत का दिया हुआ वीडियो एडिंटिंग और दूसरा काम करता था. हम कुछ दिन बांद्रा के घर, तो कुछ दिन लोनावाला के फार्म पर जाकर काम करते थे. सुशांत के केप्री हाइट्स स्थित घर पर वहां उन्हें भूत प्रेत होने का आभास होता था. सुशांत ये घर छोड़ना चाहते थे. सुशांत को अक्सर लगता था कि उस घर के गेस्ट हाउस में कोई रहता है. जब रिया और उसका भाई शोविक वहां रहने आए, तो उन्हें भी ऐसी चीजें महसूस होती थीं. इन कारणों की वजह से सुशांत केप्री हाइट्स का घर छोड़ने का विचार करने लगे. सुशांत के घर पर सैमुअल हॉकिस नाम का शख्स भी रहता था. वो सुशांत के घर का काम संभालता था. एक दिन सुशांत ने सैमुअल हॉकिस से घर खर्चे के बारे में हिसाब मांगा, तो वो दे नहीं सका, जिस पर सुशांत ने उसे काफी सुना दिया. इसके बाद सैमुअल हॉकिस घर छोड़कर चला गया. सुशांत भी दुखी हो गए थे. फिर जून 2019 में मैं, सुशांत, रिया, आकांक्षा, आनंदी, आयुष और आयुष का दोस्त हिमांशु लद्दाख गए. इसके बाद सुशांत ने आकांक्षा की जगह पर आनंदी को अपनी सेलिब्रिटी मैनेजर बनाया. लद्दाक से आने के बाद सुशांत को घर पर ठीक नहीं लग रहा था. इस वजह से वो मुंबई के ही वॉटर स्टोन रिजॉर्ट में रिया के साथ रहने लगे. सुशांत ने इस क्लब की मेंबरशिप ले रखी थी. वो दोनों वहां स्विमिंग, टेनिस, बैंडमिंटन, जिम किया करते थे. सुशांत इसके अलावा हमारे साथ उनके पावना लेक के फार्म हाउस पर ज्यादा समय बिताने लगे थे. इस तरह सुशांत हम पर भी बहुत खर्च किया करते थे. इस दौरान सुशांत ने टायटन, बाटा जैसे ऐड किए थे. काम के समय सुशांत के साथ मैं, बॉडी गार्ड साहिल और मैनेजर रहा करते थे.’

खेती करना चाहते थे सुशांत
उन्होंने कहा, ‘अगस्त और सितंबर 2019 के दौरान सुशांत का काम पर से ध्यान हटने लगा था. वो ज्यादा समय अपनी दोस्त रिया के साथ बिताने लगे थे. वो अपने ड्रीम प्रोजेक्ट 150 ड्रीम से भी दूर जाने लगे. वो अक्सर वॉटर स्टोन रिजॉर्ट में रहने लगे. इसी दौरान रिया और सुशांत ने अपने यूरोप ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए स्विटजरलैंड, फ्रांस और दूसरे देशों में घूमने का प्लान बनाया. इस टूर के लिए सुशांत ने किसी और को साथ नहीं ले जाने का निर्णय लिया, जिससे नाराज होकर आयुष वापस जॉस्टेल होटल में रहने चला गया. कुछ दिनों बाद मैं भी आयुष के पास रहने चला गया. मेरे पिता ने मुझे फोन कर बताया कि बिजनेस नहीं चलने की वजह से घर चलाना मुश्किल हो गया है. मेरे पिता ने मुझसे पैसे मांगे. मैं अक्टूबर 2019 को पिता की मदद करने अपने घर हैदराबाद गया. जाते समय मैंने सुशांत से कहा कि हैदराबाद में सब ठीक करके मैं जल्द लौट आऊंगा. हैदराबाद पहुंचने के पांच दिन बाद मुझे ईनोवरा इंडिया कंपनी में क्रिएटिव डायरेक्ट की नौकरी मिल गई और मुझे 45,000 हर महीने की सैलरी ऑफर की गई. मैं अहमदाबाद में इस कंपनी में काम करने लगा. तभी मैंने इंस्टाग्राम पर सुशांत और रिया के यूरोप टूर की तस्वीरें देखी. जनवरी 2020 को मुझे सुशांत का फिर फोन आया. सुशांत ने मुझे बताया कि वो एक्टिंग छोड़कर दोबारा ड्रीम 150 प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने वाले हैं. मैंने सुशांत से अपने घर की हालात और नौकरी करने की वजह बताई. सुशांत ने कहा कि वो मुझे काम के लिए सैलरी देंगे. साथ ही सुशांत ने मुझे बताया कि उनकी हालात फिलहाल ठीक नहीं, उन्हें मेरे साथ की जरूरत है. मैं फौरन अहमदाबाद से मुंबई सुशांत के घर पहुंचा. जब मैं सुशांत के बेडरूम में पहुंचा, तो सुशांत मुझसे गले लगकर रोने लगा. रोते-रोते उसने मुझे बताया कि वो एक्टिंग छोड़कर घर का सब कुछ बेचकर पावना के फार्म पर रहने जाने वाले हैं. इसके साथ ही सुशांत ने बताया कि अब महीने के घर का खर्च का बजट केवल 30,000 में पूरा करना है. सुशांत ने आगे कहा कि वो पावना के फार्म हाउस में खेती करना चाहते हैं.’

ऐसे बना था चंडीगढ़ जाने का प्लान
सिद्धार्थ के अनुसार, ‘सुशांत ने मुझे उनके बेडरूम के पास वाले कमरे में रहने के लिए कहा और ये भी बताया कि तीन दिनों में दिपेश भी वहां मेरे साथ रहने आने वाला है. मैंने सुशांत से रिया के बारे में पूछा तो सुशांत ने रोते-रोते मुझे बताया कि मुझे सब छोड़कर चले गए. इस पर मैंने सुशांत के साथ रहकर उसका ख्याल रखने की बात कहकर उन्हें शांत किया. मैंने सुशांत के हाउस मैनेजर मिरांडा से रिया के बारे में पूछताछ की, तो मिरांडा ने बताया कि रिया सुशांत के कार्ड से शॉपिंग करती थी. घर का सामान मुझे बेचने के लिए कहा गया. हाउस मैनेजर मिरांडा और श्रृति मोदी ये दोनों सुशांत के घर पर सुबह 10 बजे पहुंचकर शाम 6 बजे वापस जाते थे. दो दिन बाद दिपेश भी सुशांत के घर रहने आ गया. कुछ दिन बाद रिया वापस सुशांत के घर लौटी. इस समय रिया ने मुझसे कहा कि अब से मैं, वो और दिपेश मिलकर सुशांत का ख्याल रखेंगे. जनवरी के आखरी हफ्ते में सुशांत ने मुझ से कहा कि वो चंडीगढ़ अपनी बहन के घर एक महीना रहने के लिए जाना चाहते हैं. इसके बाद मैं, सुशांत, बॉडी गार्ड साहिल सागर और सुशांत की बहन मीतू रेंज रोवर से निकले और तीन दिन बाद वहां पहुंचे. इस सफर के दौरान हमने अहमदाबाद और गुडगांव के होटलों में स्टे किया. गुड़गांव में ठहरते समय सुशांत को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, वो टेंशन में थे और घबराया हुआ महसूस कर रहे थे. तभी मैंने डॉक्टर केर्सी चावड़ा की दी दवाई सुशांत को दी और वह ठीक महसूस करने लगे. दूसरे दिन सुशांत की चंडीगढ़ की बहन नीतू ने मुझे घर बुलाकर सुशांत की सारी जानकारी ली. मैंने उन्हें सब बता दिया. मैंने नीतू दीदी को डॉ. केर्सी चावड़ा द्वारा दी दवाई की पूरी जानकारी और दवाई दिखाई और हम गेस्ट हाउस में रहने चले गए. दूसरे दिन सुशांत ने मुझे फोन कर के वापस मुंबई जाने की बात कहकर मुझे घर पर बुला लिया. जब मैं नीतू दीदी के घर पहुंचा तो सुशांत की तबीयत एकदम ठीक लग रही थी. नीतू दीदी ने मुझे सुशांत की तबीयत का ख्याल रखने के लिए कहा और फिर मैं, सुशांत और बॉडी गार्ड वापस मुंबई के लिए रवाना हुए.’

दिशा सालियान के निधन से परेशान थे सुशांत
उन्होंने आगे कहा, ‘मुंबई में आने के बाद मैं डॉ. केर्सी चावड़ा द्वारा दी गई दवाई समय पर सुशांत को दिया करता था. सुशांत ने रेगुलर वर्क आउट भी शुरू किया. सुशांत पहले जैसा अच्छा महसूस करने लगे थे. इसके बाद सुशांत रिया के साथ रहने लगे. उसी समय डायरेक्टर आनंद गांधी और जाफरी ने सुशांत को फिल्म ऑफर की. सुशांत ठीक महसूस करने लगे थे, इसलिए दवाई बंद करने की बात कही. तब मैंने उन्हें इस तरह अचानक दवाई न बंद करने की सलाह दी. अप्रैल महीने के आखरी हफ्ते में सुशांत की तबीयत फिर से बिगड़ने लगी. वो हमसे दूर रहने लगे, लेकिन तब रिया उनके साथ थी. सुशांत की तबीयत जून महीने के पहले हफ्ते में और बिगड़ गई. वो अकेले ही रूम में रहने लगे, हमारे साथ बात करना भी बंद कर दिया. इसलिए हम सब ने रिया और सुशांत को अकेले छोड़ दिया. पूरे लॉकडाउन में रिया सुशांत के साथ ही थी. 8 जून की सुबह 11.30 बजे रिया अपना बैग भरकर घर से जाने लगी. रिया ने मुझसे सुशांत का ख्याल रखने के लिए कहा. उस समय सुशांत ने रिया से गले मिलकर, हाथ दिखाकर बाय किया. कुछ देर बाद सुशांत की बहन मीतू घर पर पहुंची. मीतू दीदी सुशांत से खाना खाने का आग्रह कर रही थीं, लेकिन सुशांत ने ज्यादा खाना नहीं खाया. वो सुशांत को हमारे साथ घुल मिलने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सुशांत ने रुचि नहीं दिखाई. मीतू दीदी जब घर पर थीं, तब सुशांत बार-बार पुरानी बातें याद करके रोने लगते थे. उसी दौरान सुशांत को दिशा सालियान की मौत की खबर मिली. ये खबर सुनते ही सुशांत बेचैन हो गए. उसके बाद सुशांत कॉर्नर स्टोन नाम की कंपनी के मैनेजर उदय से लगातार बात करने लगे. श्रुति मोदी से पैर में चोट आने की वजह से इस कंपनी ने दिशा को कुछ दिनों के लिए सुशांत की सेलिब्रिटी मैनेजर का काम देखने के लिए भेजा था. 9 जून को दिशा की आत्महत्या के बाद सुशांत की असिस्टेंट मैनेजर की आत्महत्या की खबर हर जगह आने से सुशांत बेहद तनाव में आ गए थे. इस टेंशन की वजह से सुशांत ने उस रात मुझे उनके साथ बेडरूम में सोने के लिए कहा और दिशा की मौत की पल-पल की जानकारी देने के लिए कहा. मैं सुशांत को उस मामले की सारी जानकारी देता रहा.’


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