भारत और अमेरिका के बीच युद्धाभ्यास

अलास्का- भारत और अमेरिकी सेनाओं ने अलास्का क्षेत्र के प्रशिक्षण इलाके (ईएसटीए) में एक संयुक्त युद्धाभ्यास में सर्वोत्तम विस्फोटक डिवाइस रोधी (सी-आईईडी) और मानव रहित एरियल प्रणाली (सी-यूएएस) का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान अमेरिका के नागरिक व सैन्य विशेषज्ञों ने भारतीय सैनिकों को मध्यम खदान सुरक्षा वाहन (द पैंथर) और खदान-सुरक्षा वाहन (द बफेलो) का प्रदर्शन किया।

सेना द्वारा जारी बयान के मुताबिक, भारतीय सैनिकों ने सीआई/सीटी ग्रिड में इस्तेमाल होने वाले सी-आईईडी के अपने तरीकों का प्रदर्शन किया। यह साझा प्रशिक्षण आईईडी का पता लगाने, संभालने और हटाने के लिए भी आयोजित किया गया था। अमेरिकी सेना ने माइन (खदान/खंदक) और बमों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए दूर से संचालित वाहन (आरओवी) के इस्तेमाल का भी प्रदर्शन किया।

दोनों सेनाओं ने अमेरिका द्वारा ड्रोन बस्टर गन के प्रदर्शन में भी भाग लिया, जिसका इस्तेमाल ड्रोन की आवृत्ति को जाम करने के लिए किया जाता है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह युद्ध अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग प्रयास है। इसे दोनों देश बारी-बारी से आयोजित करते है। फरवरी में यह राजस्थान के बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था।


facebook - जनसम्पर्क
facebook - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
twitter - जनसम्पर्क
twitter - जनसम्पर्क - संयुक्त संचालक
जिला प्रशासन इंदौर और शासन की दैनंदिन गतिविधियों और अपडेट के लिए फ़ॉलो करें